Salim Dola: दाऊद इब्राहिम के खास गुर्गे सलीम डोला से NCB कर रही पूछताछ,खुलेंगे 5000 करोड़ के ड्रग्स केस के राज
Salim Dola: भारतीय सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों को अंडरवर्ल्ड के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी मिली है। भगोड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में से एक और डी-कंपनी के ड्रग्स सिंडिकेट का मास्टरमाइंड, सलीम डोला अब भारत की गिरफ्त में है। तुर्की के इस्तांबुल से डिपोर्ट किए जाने के बाद उसे दिल्ली के टेक्निकल एयरपोर्ट पर उतारा गया।
यह पूरा ऑपरेशन भारतीय खुफिया एजेंसियों और अंतरराष्ट्रीय जांच निकायों के बीच एक सीक्रेट और वेल प्लांड पार्टनरशिप का परिणाम है। सलीम डोला की गिरफ्तारी को दाऊद के वैश्विक नार्कोटिक्स नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है। वर्तमान में देश की विभिन्न सुरक्षा एजेंसियां उससे गहन पूछताछ कर रही हैं, जिसके बाद उसे औपचारिक रूप से मुंबई पुलिस को सौंप दिया जाएगा।

सलीम डोला से NCB मुख्यालय में पूछताछ
दाऊद इब्राहिम के करीबी सहयोगी सलीम डोला को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के मुख्यालय लाया गया है। कुछ समय पहले उसे इस्तांबुल में पकड़ा गया था और अब उसे भारत प्रत्यर्पित कर दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियों की एक बड़ी कार्रवाई के बाद उसे देश वापस लाया गया है।
सलीम डोला पर दाऊद के नेटवर्क से जुड़े कई मामलों में शामिल होने के आरोप हैं और अब उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां उससे अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क और उसके भारत में संपर्कों को लेकर जानकारी जुटा रही हैं। पूछताछ के दौरान कई अहम खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।
#WATCH | Delhi: Close aide of Dawood Ibrahim, Salim Dola, brought to Narcotics Control Bureau (NCB) Headquarters. He was recently apprehended in Istanbul and has now been deported to India. https://t.co/I1y4sZcMQk pic.twitter.com/o5nis69US4
— ANI (@ANI) April 28, 2026
इस्तांबुल में कसा गया सलीम डोला पर शिकंजा
तुर्की की मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सलीम डोला को 25 अप्रैल को इस्तांबुल पुलिस की 'नारकोटिक्स क्राइम्स डिवीजन' ने एक विशेष कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार किया था। वह इस्तांबुल के बेयलिकदुजु इलाके में एक गोपनीय ठिकाने पर छिपा हुआ था।
गिरफ्तारी से पहले सुरक्षा एजेंसियों ने उसकी लोकेशन की तकनीकी और फिजिकल निगरानी की थी। जब डोला की मौजूदगी की पुष्टि हो गई, तब पुलिस ने छापेमारी कर उसे धर दबोचा। इसके तुरंत बाद उसे भारत प्रत्यर्पित (Deport) करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।
इंटरपोल का रेड नोटिस और मुंबई कनेक्शन
सलीम डोला केवल भारतीय एजेंसियों की सूची में ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मोस्ट वांटेड था। उसके खिलाफ इंटरपोल (Interpol) द्वारा 'रेड नोटिस' जारी किया गया था। जांच में यह सामने आया है कि मुंबई के कुर्ला इलाके में पकड़े गए ड्रग्स तस्करों के तार सीधे डोला से जुड़े थे। पकड़े गए आरोपियों ने खुलासा किया था कि उन्हें तस्करी के तमाम निर्देश और लॉजिस्टिक्स सीधे सलीम डोला से मिलते थे।
मेफेड्रोन जब्ती और डी-कंपनी का ड्रग्स जाल
भारत में हुई पूर्व की कार्रवाइयों में सुरक्षा एजेंसियों ने 126 किलो से अधिक मेफेड्रोन ड्रग्स और ₹25 लाख 22 हजार की नगदी बरामद की थी। इस पूरे काले कारोबार में सलीम डोला की भूमिका मुख्य सूत्रधार की थी। वह दाऊद इब्राहिम के लिए विदेशों से नार्कोटिक्स नेटवर्क का संचालन कर रहा था।
NDPS एक्ट के तहत कठोर कार्रवाई
भारत लाए जाने के बाद अब सलीम डोला पर NDPS Act 1985 (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट) के तहत मामला चलाया जा रहा है। इस कानून के तहत व्यावसायिक मात्रा में नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए कम से कम 10 साल की कठोर सजा का प्रावधान है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मामलों में जमानत मिलना बेहद कठिन होता है। अब एजेंसियों का प्राथमिक लक्ष्य डोला से पूछताछ कर भारत में फैले डी-कंपनी के स्लीपर सेल्स और अन्य ड्रग्स तस्करों की पहचान करना है।
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