डल झील में बरामद हुआ Pakistani Missile फतह-1 रॉकेट, ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का एक और अहम सबूत
Pakistani Missile Found Dal Lake: श्रीनगर की मशहूर डल झील में रविवार, 21 सितंबर को चल रहे सफाई अभियान के दौरान पाकिस्तान द्वारा दागे गए फतह-1 रॉकेट के अवशेष मिले। यह रॉकेट इस साल मई में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान झील में गिरा था।
रक्षा सूत्रों के अनुसार, यह हमला श्रीनगर के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के लिए किया गया था, लेकिन असफल रहा। रॉकेट का खोल स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया है और इसकी जांच जारी है।

ऑपरेशन सिंदूर भारत की सेना द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ की गई जवाबी कार्रवाई थी। इस साल अप्रैल में पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में 26 लोगों की जान गई थी। भारत ने इस कायराना हमले का जवाब सीमित, सटीक और प्रभावशाली तरीके से दिया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि भारत ने केवल गलत काम करने वालों को सजा दी और संयम बरता।
पाकिस्तानी रॉकेट हमले का दावा
10 मई 2025 को पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर के जवाब में फतह-1 बैलिस्टिक मिसाइल दागी, जो 70-100 किलोमीटर तक मार कर सकती है। मिसाइल का लक्ष्य श्रीनगर के सैन्य केंद्र थे, लेकिन यह असफल रही। मिसाइल झील के गहरे पानी में गिरी और वहां से धुआं निकलता दिखा। आसपास धमाका जैसी आवाज सुनाई दी, लेकिन कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।
डल झील में ऑपरेशन सिंदूर के सफलत का सबूत
आज तक के मुताबिक, रविवार को झील की सफाई अभियान के दौरान स्वयंसेवकों ने मिसाइल जैसा प्रोजेक्टाइल देखा। यह रॉकेट का खोल था, जो विस्फोट के बाद बचा था। इसे तुरंत स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया। इस अवशेष की बरामदगी से ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के हमले का ठोस सबूत मिला है।
डल झील न केवल श्रीनगर का प्रमुख पर्यटन स्थल है, बल्कि यह शहर की सांस्कृतिक और आर्थिक जान भी है। शिकारे और पर्यटक यहां हर साल भारी संख्या में आते हैं। इस बरामदगी से यह भी पता चलता है कि सुरक्षा और साफ-सफाई अभियान दोनों कितना महत्वपूर्ण हैं।
क्या है इसका महत्व
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इस रॉकेट के अवशेष से कई महत्वपूर्ण बातें सामने आती हैं। पाकिस्तान के हमले की पुष्टि करता है और भारतीय सेना करारे जवाब को प्रमाणित करता है। भारत सीमा पर मजबूत है और आक्रामकता के जवाब देने में सक्षम है, लेकिन शांति को प्राथमिकता देता है।
सफाई अभियान से सिर्फ़ कचरा ही नहीं हटता, बल्कि पुराने खतरे भी सामने आते हैं, जिससे पर्यटकों की सुरक्षा बढ़ती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे अवशेषों से सुरक्षा नीतियों में सुधार और सतर्कता की सीख मिलती है। यह घटना हमें याद दिलाती है कि शांति बनाए रखने के लिए हमेशा सतर्क रहना जरूरी है।












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