Cyclone Montha: क्या है 'मोंथा' का मतलब? कौन तय करता है चक्रवातों का नाम?
Cyclone Montha Update: चक्रवाती तूफान 'मोंथा' का खतरा तमिलनाडु, ओडिशा, आंध्र प्रदेश में मंडरा रहा है, भारतीय मौसम विभाग ने यहां पर रेड अलर्ट जारी किया है। आपको बता दें कि मोंथा का नाम इस बार यमन ने रखा है और जो कि एक गांव के नाम पर है जो कि मछली पालन के लिए जाना जाता है। आपको बता दें कि जब भी किसी समुद्र से उठने वाला तूफान या चक्रवात किसी देश की ओर बढ़ता है, तो उसे एक विशेष नाम दिया जाता है।
क्या आप जानते हैं कि इन विनाशकारी चक्रवातों के नाम तय करने की एक अंतरराष्ट्रीय प्रक्रिया होती है? आइए जानें भारत में और विश्व स्तर पर यह नामकरण कैसे किया जाता है और इसके पीछे मकसद क्या है?

पहले चक्रवातों को केवल तारीख से पहचाना जाता था, जिससे भ्रम की स्थिति बन जाती थी और उसका रिकॉर्ड रख पाना बहुत मुश्किल होता था। लेकिन2004 से विश्व मौसम संगठन (WMO) और ESCAP (Economic and Social Commission for Asia and the Pacific) ने नामकरण की एक औपचारिक प्रणाली बनाई, जिसके बाद बारी-बारी से देशों की ओर से तूफानों के नाम तय किए जाने लगे।
13 देशों का समूह तय करते हैं तूफानों के नाम (Cyclone Montha)
भारत, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर क्षेत्र के चक्रवातों के लिए 13 देशों का समूह (WMO/ESCAP Panel on Tropical Cyclones) नाम तय करता है। इन 13 देशों में शामिल हैं भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान, श्रीलंका, मालदीव, म्यांमार, थाईलैंड, ईरान, ओमान, कतर, सऊदी अरब, यूएई और यमन। इंडिया में आईएमडी तूफान का नाम तय करता है।
क्यों जरूरी है नामकरण? (Cyclone Montha)
नाम से तूफानों की चेतावनी और जानकारी देना आसान होता है और वैज्ञानिक रिकॉर्ड बनाए रखना सरल होता है। भारत जैसे समुद्री सीमाओं वाले देश के लिए यह प्रणाली अत्यंत आवश्यक और प्रभावी सिद्ध हुई है।
ओडिशा और तमिलनाडु में भारी बारिश की आशंका (Cyclone Montha)
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कहा है कि आने वाले चक्रवात के कारण अगले दो दिनों तक ओडिशा और तमिलनाडु के बीच भारत के पूर्वी तट पर भारी बारिश, तेज़ हवाओं और समुद्र में उथल-पुथल की स्थिति बनी रहेगी।
30 अक्टूबर तक भारी बारिश का अनुमान
रायलसीमा, तमिलनाडु, केरल, माहे और तटीय कर्नाटक में मंगलवार तक बहुत भारी बारिश (24 घंटों में 115-210 मिमी) होगी। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और दक्षिण ओडिशा में 30 अक्टूबर तक भारी बारिश का अनुमान है इसलिए यहां पर रेड अलर्ट जारी है।












Click it and Unblock the Notifications