सीडब्ल्यूजी घोटाला: जांच के लिए एफआईआर दर्ज, पर शीला दीक्षित का नाम नहीं

दिल्ली के शिक्षामंत्री मनीष सिसोदिया के अनुसार कैग और शुंगलू समिति की रिपोर्ट के आधार पर पाई गयी भारी गड़बड़ी के आधार पर जांच की मांग की गयी है। यह ध्यान देने योग्य है कि सरकार को हुए नुकसान की जांच के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा गठित शुंगलू समिति ने घोटालों के लिए शीला दीक्षित सरकार और एमसीडी के चार अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया था।
'आप' सरकार का कहना है कि तत्कालीन दिल्ली सरकार और स्पेसएज स्विच गियर्स कंपनी के बीच मिलीभगत हुई थी। जिसके परिणामस्वरूप कंपनी ने दोयम दर्जे के माल की आपूर्ति कर 2.68 करोड़ रूपये का मुनाफा कमाया था। यह शीला दीक्षित के खिलाफ 'आप' द्वारा लगाया गया दूसरा केस है। उम्मीद की जा रही है कि केजरीवाल सरकार कई अन्य मामले में उन पर आरोप लगा सकती है।
अरविंद केजरीवाल ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में वादा किया था कि अगर वह सत्ता में आते हैं तो कॉमनवेल्थ घोटालों सहित दिल्ली सरकार द्वारा किये गये अन्य घोटालों की भी जांच करवाएंगे लेकिन सरकार बनाने हेतु कांग्रेस द्वारा लिये गये समर्थन के आधार पर कहा जा रहा था कि वह कांग्रेस द्वारा किये गये घोटालों की जांच नहीं करवा पाएंगे। हालांकि यह भी सच है कि कांग्रेस नेताओं में 'आप' विरोधी सुर सुनाई देने लगे हैं।












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