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मोदी सरकार का बड़ा फैसला, भ्रष्ट नौकरशाहों को नहीं मिलेगा पासपोर्ट

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नई दिल्ली। सरकारी तंत्र से करप्शन को कम करने के लिए मोदी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने बड़ा फैसला किया है। सरकार ने भ्रष्टाचार में लिप्त या फिर आपराधिक मामलों में संलिप्त सरकारी कर्मचारियों और नौकरशाहों के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने ऐसे अधिकारियों को पासपोर्ट देने पर रोक लगा दी है। सरकार के कार्मिक विभाग ने फैसला किया है कि आपराधिक या भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना करने वाले सरकारी अधिकारियों को पासपोर्ट के लिए सतर्कता विभाग से मंजूदी नहीं मिलेगी।

सरकार का बड़ा फैसला

सरकार का बड़ा फैसला

कार्मिक मंत्रालय ने नियमों में बदलाव करते हुए कहा है कि अगर किसी सरकारी अधिकारी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे है या किसी आपराधिक मामला में उनका नाम संलिप्त हैं और जांच लंबित है, लेकिन एफआईआर दर्ज की जा चुकी या फिर अधिकारी निलंबित है तो सतर्कता विभाग से मंजूरी को रोक कर रखा जा सकता है। अगर किसी सरकारी अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई हो और अधिकारी के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया गया हो तो उसके पासपोर्ट के लिए मंजूरी नहीं मिलेगी।

मेडिकल इमरजेंसी में छूट

मेडिकल इमरजेंसी में छूट

कार्मिक विभाग ने मेडिकल इमरजेंसी की हालत में छूट दी है। विभाग ने अपने फैसले में कहा है कि संबंधित प्राधिकरण उस मामले में फैसले ले सकता है, जिसमें भ्रष्टाचार के आरोप झेल रहे अधिकारियों को मेडिकल इमरजेंसी जैसी इमरजेंसी वाली स्थिति में विदेश जाना जरूरी हो जाए। ऐसे मामलों में संबंधित विभाग फैसले ले सकता है। हालांकि सक्षम प्राधिकरण इस पर विचार कर सकता है कि क्या मेडिकल इमरजेंसी जैसी आपात स्थिति में अधिकारी का विदेश यात्रा करना आवश्यक है। वहीं निजी शिकायत के आधार पर अगर अधिकारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है तो सतर्कता विभाग पासपोर्ट मंजूरी को रोक कर नहीं रखा जाएगा।

 पासपोर्ट विभाग लेगा अंतिम फैसला

पासपोर्ट विभाग लेगा अंतिम फैसला

इस दिशा निर्देश में कहा गया है कि भ्रष्टाचार या आपराधिक मामलों में लिप्त अधिकारी के प्राथमिकी के संबंध में पासपोर्ट कार्यालय के पास जानकारी होनी चाहिए। अधिकारी के पासपोर्ट को मंजूरी दी जाएगी की नहीं इसका अंतिम फैसला पासपोर्ट जारी करने वाला प्राधिकरण लेगा। आपको बता दें कि सिविल सेवा अधिकारियों को भारतीय पासपोर्ट हासिल करने के लिए सतर्कता विभाग से मंजूरी की जरूरत होती है। निर्देश में साफ-साफ कहा गया है कि अगर किसी अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही लंबित है तो उसे पासपोर्ट जारी नहीं किया जाएगा।

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English summary
Government officers facing criminal or corruption charges will be denied vigilance clearance for the grant of passport, according to new guidelines finalised by the Personnel ministry.
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