अच्छी खबर: जून से बढ़ेगी कोविड वैक्सीन की आपूर्ति, देश में जल्द तैयार हो सकती हैं दो नई डोज

नई दिल्ली, 14 मई। कोरोना वायरस की दूसरी लहर से जूझ रहे भारत के लिए अच्छी खबर है जो कि कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में सबसे सफल हथियार वैक्सीन की आपूर्ति को लेकर है। वैक्सीन आपूर्ति से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक देश में जून से कोविड-19 के टीकों की आपूर्ति बढ़ने की संभावना है। इसके चलते भारत को दिसम्बर में सात महीने तक 300 करोड़ डोज मिलने में मदद मिलेगी।

अगस्त तक चार गुना बढ़ेगी आपूर्ति

अगस्त तक चार गुना बढ़ेगी आपूर्ति

अधिकारियों ने जो अनुमान लगाया है कि उससे पता चलता है कि मई में संभावित आपूर्ति के आंकड़े 8.8 करोड़ डोज जून तक लगभग दोगुना 15.81 करोड़ डोज और अगस्त तक चौगुनी (36.6 करोड़) हो सकते हैं। वहीं अकेले दिसम्बर में 65 करोड़ डोज मिल सकती हैं जो मई की संख्या में सात गुना अधिक है।

सारे आंकड़ों को मिलाने पर पता चलता है कि अगस्त और दिसम्बर के बीच 268 करोड़ डोज उपलब्ध हो सकती हैं। पहले लगाए गए अनुमान से यह 52 करोड़ ज्यादा है। टीकों की आपूर्ति का बढ़ना वैक्सीन की कमी से जूझ रहे राज्यों को राहत प्रदान करेगा और टीकाकरण में तेजी लाएगा जो इस समय धीमा पड़ गया है।

हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि वैक्सीन आपूर्ति की मात्रा में वृद्धि के बावजूद जमीन पर इसका असर दिखने में दो से तीन महीने लगेंगे। इसका मतलब यह हुआ कि अगले दो से तीन महीने तक हमें वैक्सीन की कमी का सामना करना पड़ेगा और इसके बाद ही 18 से 44 वर्ष आयु वालों के लिए टीकाकरण अभियान शुरू करना पड़ेगा।

दिसम्बर तक 293 डोज का अनुमान

दिसम्बर तक 293 डोज का अनुमान

डॉ. विनोद कुमार पॉल नीति आयोग के सदस्य हैं और वह कोविड-19 वैक्सीन के लिए बनी टास्क फोर्स के मुखिया भी हैं। उन्होंने गुरुवार को एक प्रेस वार्ता में कहा था कि अगस्त से सितम्बर तक देश में 216 करोड़ डोज उपलब्ध होंगी। उन्होंने यह भी बताया था कि 8 वैक्सीन की उपलब्धता के बारे में बताते हुए कहा था कि इससे सभी 130 करोड़ लोगों का टीकाकरण करने में मदद मिलेगी। वर्तमान में देश में दो वैक्सीन कोवैक्सीन और कोविशील्ड से टीकाकरण किया जा रहा है। जबकि रूस में बनी स्पुतनिक-वी को भी मंजूरी मिल चुकी है और जल्द ही इससे भी टीकाकरण शुरू हो सकता है।

अनुमान के मुताबिक जून से दिसंबर तक भारत को 293.8 करोड़ डोज मिल सकती है। भारत बायोटेक और आईसीएमआर के सहयोग से निर्मित कोवैक्सीन का उत्पादन चार अन्य कंपनियां भी करेंगी। सरकार ने पहले कहा है कि भारत बायोटेक ने अन्य वैक्सीन निर्माताओं को शामिल करके उत्पादन को बढ़ाने के इस कदम का स्वागत किया है।

सितम्बर में आ सकती है इंट्रानैजल डोज

सितम्बर में आ सकती है इंट्रानैजल डोज

वैक्सीन टास्क फोर्स के डॉ पॉल ने टीकों के बारे में योजना के बारे में जानकारी देते हुए कोवैक्सीन और कोविशील्ड के अलावा छह टीकों का उल्लेख किया था। ये टीके बायोई, जायडस कैडिला, नोवावैक्स, भारत बायोटेक, जेनोवा एमआरएनए और रूसी वैक्सीन स्पुतनिक-वी शामिल है।

अन्य बायो, ज़ेडस कैडिला, नोवावैक्स, भारत बायोटेक (एक इंट्रानैजल डोज), गेनोवा एमआरएनए और रूस के गामेली इंस्टीट्यूट (स्पुतनिक वी) थे।

सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया का नया टीका कोवावैक्स सितम्बर से दिसम्बर के बीच (5 करोड़ हर महीने) आ सकता है। वहीं भारत बॉयोटेक की इंट्रानैजल डोज (नाक से दी जाने वाली) सितम्बर से शुरू हो सकती है। इसकी हर महीने 10 करोड़ डोज मिलने का अनुमान लगाया गया है।

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