सीलमपुर हिंसा: इलाज कराने के लिए कोर्ट ने दो आरोपियों को दी अंतरिम जमानत
नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ राजधानी दिल्ली के सीलमपुर इलाके में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों को दिल्ली की एक अदालत ने अंतरिम जमानत दे दी है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक आरोपियों को कोर्ट ने मेडिकल के आधार पर मंगलवार को अंतरिम जमानत दी है। हिंसाक प्रदर्शन के आरोप में पुलिस ने 14 लोगों को गिरफ्तार किया था जिनमें से यूसुफ अली और मोइनुद्दीन को अंतरिम जमानत दी गई है।

अतिरिक्त न्यायाधीश बृजेश गर्ग ने आरोपियों की याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें इलाज कराने की अनुमति दे दी है। अंतरिम जमानत के साथ कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 20-20 हजार रुपए का मुचलका और इनती ही राशी की जमानत देने को कहा है। याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि जेल से रिहाई होने के बाद यूसुफ अली और मोइनुद्दीन दिल्ली के राममनोहर लोहिया अस्पताल में अपनी जांच और उपचार कराएं। इसके साथ ही कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 21 जनवरी की तारीख तय की है।
बता दें कि सबसे अधिक प्रभावित दिल्ली का सीलमपुर इलाका रहा, जहां प्रदर्शनकारियों ने नागरिकता कानून के विरोध के नाम पर हिंसा की और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया। इस प्रदर्शन के दौरान दर्जनों पुलिसवाले घायल हुए। प्रदर्शनकारियों ने उन्हें निशाना बनाया और उनपर हमला किया। जिस समय सीलमपुर इलाके में भी हिंसा भड़की थी उस दौरान यहां के पूर्व कांग्रेस विधायक मतीन अहमद का नाम सामने आया था। उनपर आरोप था कि उन्होंने भीड़ को हिंसा के लिए उकसाया। दरअसल जिस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच गतिरोध चल रहा था, उस समय मतीन अहमद पर लोगों को भड़काने का आरोप था।
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