Cough Syrup Row: बच्चों की मौत के बाद तमिलनाडु सरकार सख्त, दवा कंपनी के खिलाफ दर्ज होगा क्रिमिनल केस
Cough Syrup Row: मध्य प्रदेश और राजस्थान में बच्चों की मौत के बाद शुरू हुआ कफ सिरप विवाद अब तमिलनाडु सरकार के लिए एक बड़ा एक्शन पॉइंट बन गया है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मा. सुब्रमणियन ने बुधवार को कहा कि सरकार उस दवा निर्माता कंपनी के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई करेगी, जिसकी कफ सिरप 'Coldrif' में जहरीला केमिकल डायथिलीन ग्लाइकॉल (Diethylene Glycol) पाया गया है।
मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों में करीब 20 बच्चों की मौत तब हुई, जब उन्होंने यह कफ सिरप पी थी। डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने 7 अक्टूबर को बताया कि सभी बच्चे किडनी फेलियर की समस्या से जूझ रहे थे, और जांच में सामने आया कि दवा प्रदूषित (contaminated) थी।

तमिलनाडु सरकार का बड़ा एक्शन
मंत्री मा. सुब्रमणियन ने कहा, "हमने दवा कंपनी के खिलाफ उत्पादन रोकने का आदेश जारी कर दिया है। 3 अक्टूबर को जांच में पाया गया कि सिरप में जहरीले तत्व मौजूद हैं। हमने कंपनी से जवाब मांगा है कि उनके खिलाफ फौजदारी कार्रवाई क्यों न की जाए।"
सरकार ने अब तक कंपनी को दो नोटिस भेजे हैं - एक राज्य औषधि नियंत्रण विभाग (State Drug Control Department) की रिपोर्ट के आधार पर और दूसरा ड्रग इंस्पेक्टर के माध्यम से।
सिरप में मिला 48.6% ज़हरीला पदार्थ
राज्य औषधि नियंत्रण विभाग की जांच में पाया गया कि 'Coldrif' सिरप में 48.6% तक डायथिलीन ग्लाइकॉल मौजूद था, जो इंसान के शरीर के लिए घातक है। यह केमिकल आमतौर पर औद्योगिक उत्पादों में इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन दवाओं में मिल जाने पर यह किडनी और लिवर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।
मंत्री ने कहा कि फैक्ट्री को मंगलवार (7 अक्टूबर) को जिला प्रशासन ने सील कर दिया है। यह कंपनी पिछले 14 सालों से कांचीपुरम जिले के संगुवर्चत्रम इलाके में स्थित अपने प्लांट से सिरप बना रही थी और इसे कई राज्यों में सप्लाई कर रही थी।
अन्य राज्यों को भी जारी हुई चेतावनी
तमिलनाडु सरकार ने पुडुचेरी और ओडिशा को सलाह दी है कि वे 'Coldrif' सिरप की बिक्री तुरंत रोक दें। इसके अलावा केरल, मध्य प्रदेश और तमिलनाडु में यह दवा पहले ही प्रतिबंधित (banned) कर दी गई है। अब तक उस फार्मा कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया नहीं आई है। सूत्रों के अनुसार, कंपनी अपने कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है, जबकि तमिलनाडु सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वह जनस्वास्थ्य से समझौता नहीं करेगी।












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