पेट्रोलियम मंत्रालय का दफ्तर बंद होने के बाद डुप्लीकेट चाबी से घुसते थे जासूस
नयी दिल्ली। पेट्रोलियम मंत्रालय व प्राकृतिक गैस की गोपनीय दस्तावेज लीक होने का मामला सामना आया है। गोपनीय सरकारी दस्तावेज लीक होने के मामले में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। जिसमें दो रिलांइस इंस्ट्रीड के लोग भी गिरफ्तार किए गए है।

इस मामले में दिल्ली पुलिस ने खुलासा किया है कि मंत्रालय कार्यालय बंद होने के बाद डुप्लीकेट चाबी की मदद से आरोपी अंदर घुसते थे और जासूसी करते थे। मंत्रालय में घुसने के दौरान उनसे कोई पूछताछ न करे इसके लिए उन्होंने फर्जी आई कार्ड और नकली पास भी बनवा रखे थे।
पुलिस के मुताबिक सूचनाएं लीक करने के इस काले खेल में एक पिता और उसके दो बेटे के अलावा उसका एक अन्य साथी और एक ड्राइवर शामिल हैं।वहीं ड्राइवर के साथ गिरफ्तार पहले गिरफ्तार हुए ललता प्रसाद और राकेश कुमार रिश्ते में भाई हैं। मामले की जांच कर रही है पुलिस ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट के तहत हुई कार्रवाई के बाद पुलिस अब इनसे पूछताछ कर इनके पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हुई है।
सीसीटीवी को कर दिया था खराब
जासूसी के काम को कामयाब बनाने के लिए इन लोगों ने पेट्रोलियम मंत्रालय के कार्यालय पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरे को खराब कर दिया था। जब पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की गई तो यह खुलासा हुआ कि इन्होंने ही सीसीटीवी को खराब कर दिया था।
होगी कड़ी कार्रवाई
पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि गोपनीय सरकारी दस्तावेजों को निजी कंपनियों को लीक करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए उनके मंत्रालय के दोनों कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।












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