Covid19 Variant BF.7 : भारत में मिला संक्रमित, जानिए इंफेक्शन के लक्षण, एहतियात और फैलने की दर
कोरोना संक्रमण एक बार फिर चिंताजनक बनने की आशंका है। स्वास्थ्य मंत्रालय अलर्ट मोड में निर्देश जारी कर रहा है। कोविड-19 के BF.7 वेरिएंट के लक्षण, एहतियात और संक्रमण फैलने की दर समझिए।

Covid-19 Variant BF.7 भारत में भी रिपोर्ट किया जा चुका है। अब तक चार मामले सामने आ चुके हैं। एहतियात बरतने के प्रयासों के तहत भारत में कोविड-19 के नए वेरिएंट बीएफ.7 का पता चलने के बाद इसके लक्षण, सावधानियां, संक्रमण फैलने की दर के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं। जानिए कुछ प्रमुख सवालों के जवाब-

चीन में कोरोना ओमीक्रॉन सब-वैरिएंट BF.7
भारत में अब तक कोविड-19 BF.7 वैरिएंट के चार मामले सामने आ चुके हैं। चीन में एक और कोविड -19 की लहर सामने आने के बाद माना जा रहा है कि चीन में कोविड-19 संक्रमण में मौजूदा उछाल का प्रमुख कारण ओमीक्रॉन सब-वैरिएंट BF.7 ही है।

भारत के किन राज्यों में मिला कोरोना BF.7 वेरिएंट
भारत में अब तक BF.7 वेरिएंट के जिन चार मामलों का पता चला है, इनमें गुजरात से दो और ओडिशा से दो मामले सामने आए हैं। जर्मनी, बेल्जियम, फ्रांस, डेनमार्क, यूएस और यूके सहित कई अन्य देशों में इस सब-वैरिएंट का पता लगाया जा चुका है।

ओमीक्रॉन सब-वैरिएंट BF.7 को जानिए
Omicron का सब-वैरिएंट- BF.7 पहले वाले BA.5 का अगला संस्करण है। समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, बीएफ.7 वैरिएंट बेहद तेजी से फैलने वाला (highly transmissible variant) वैरिएंट है। इसमें ए शख्स से दूसरे में संक्रमण पैदा करने की उच्च क्षमता है। यहां तक कि वैक्सीन लगवा चुके लोग भी कोरोना के इस वैरिएंट से संक्रमित हो सकते हैं।

क्या वैक्सीन और एंटीबॉडी बेअसर हो जाएंगे
जर्नल 'सेल होस्ट एंड माइक्रोब' में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, BF.7 वेरिएंट में 4.4 गुना अधिक न्यूट्रलाइजेशन प्रतिरोध है। यानी पहली बार जो कोरोना वायरस वुहान में पाया गया ये उससे अधिक खतरनाक है। इसका मतलब ये भी है कि टीकाकरण से बने एंटीबॉडीज बीएफ.7 कोरोना वायरस के खिलाफ पर्याप्त प्रभावी नहीं हैं।

ओमीक्रॉन BF.7 वैरिएंट के लक्षण
कोरोना का सबसे नया संस्करण यानी ओमीक्रॉन BF.7 वैरिएंट के लक्षणों में बुखार, गले में खराश, नाक बहना और खांसी शामिल हैं। मेडिकल साइंस की भाषा में ये ऊपरी सांस लेने की प्रणाली (upper respiratory infection) को प्रभावित या संक्रमित कर सकता है। कुछ रोगियों को दस्त और उल्टी सहित पेट संबंधी परेशानियों का भी अनुभव हो सकता है। किसी को ऐसे लक्षण महसूस होने पर डॉक्टर या विशेषज्ञ से तुरंत जांच कराने की सलाह दी जा रही है।

बीमारी की पहचान और आइसोलेशन जरूरी
भले ही कोरोना के नए वेरिएंट बीएफ.7 वेरिएंट से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं या शारीरिक जटिलता न होने के संकेत हैं, लेकिन इसका बेहद तेजी से फैलना चिंताजनक है। इसलिए, शुरुआती पहचान और आइसोलेशन बेहद महत्वपूर्ण हैं।

बीमारी से बचाव के लिए एहतियात
क्रिसमस और नए साल के जश्न से ठीक पहले सामने आए कोरोना के नए और खतरनाक वेरिएंट से बचाव कैसे करें, ये जानना काफी जरूरी है। इसलिए सरकारें कोविड-19 से बचाव के लिए सुझाए गए व्यवहार का पालन करने की अपील कर रही हैं। मास्क पहनना, सोशल डिस्टेंसिंग और हैंड सैनिटाइज़ेशन बुनियादी उपाय हैं। ऐसा करने पर संक्रमण फैलने से रोकने में मदद मिल सकती है।
Recommended Video


कोरोना के नए वैरिएंट से कैसे बचें
भारत में दिसंबर-जनवरी-फरवरी के महीनों के दौरान सर्दी, खांसी और अन्य मौसमी बीमारियां आम हैं। हालांकि, कोविड-19 के नए वैरिएंट के कारण इन लक्षणों को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। किसी भी लक्षण को अनदेखा न करें। तुरंत कोविड टेस्ट करवाएं और सेल्फ-आइसोलेशन यानी खुद को क्वारंटाइन करने जैसे अभ्यास करें।












Click it and Unblock the Notifications