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कोरोना से तन टूट रहा था और परिवार पर आई आपदा से मन, फिर भी हिम्मत नहीं हारी

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लखनऊ, 1 जून। मैं अनुज मिश्रा हाल ही कोरोना को मात देकर स्‍वस्‍थ हुआ हूं। कोरोना की चपेट में आने के बाद मैंने कष्‍टकारी और विषम परिस्थितियों होने के बावजूद मैंने हार नहीं मानी। 8 अप्रैल को पहली वैक्‍सीन लगवाई उसके बाद बुखार आया लेकिन जब दो दिन बाद तक भी बुखार रहा तो मैंने अपने डाक्‍टर मित्र से फोन से बात की। उन्‍होंने कहा टेस्‍ट बाद में करतवाते रहना, पहले दवाइयां शुरू कर दो। जिसके बाद मैंने डॉक्‍टर की बताई दवाइयां शुरू कर दी। चेस्‍ट में संक्रमण आया लेकिन दवा खा रहा था इसका फायदा हुआ कि मेरे पूरे फेफड़े में संक्रमण नहीं फैल पाया। समय पर सचेत हो जाने के कारण मुझे एडमिट नहीं होना पड़ा।

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शुरूआत में ही खांसी बहुत बढ़ गई और मेरा ऑक्‍सीजन 90 से नीचे आ गया और मैं तब भी अपना टेस्‍ट नहीं करवा सका क्‍योंकि तेज बुखार था और मैं उस स्थिति में नहीं था कि जाकर टेस्‍ट करवा सकूं। इसके अलावा उस समय लखनऊ में कोरोना पीक पर था आसानी से टेस्‍ट हो नहीं रहे थे। लेकिन मैंने आत्‍मबल नहीं खोया और कुछ व्‍यायाम और दवा के सहारे मेरा ऑक्‍सीजन लेवल ऊपर आने लगा। कुछ समय में मेरा फीवर भी चला गया।

मैं कोविड से जूझ ही रहा था कि मेरे जीजा जो कानपुर में रहते थे वो भी कोरोना की चपेट में आ गए। अचानक से उनकी हालत बहुत खराब हो गई और मेरी बहन ने जैसे-तैसे उन्‍हें अस्‍पताल में भर्ती करवाया, चूंकि मेरी बहन वहां अपने बच्‍चों के साथ अकेली थी इसलिए मुझे और मेरे भाई को तुरंत जाना था।

मेरी हालत संभली नहीं थी लेकिन मैंने हिम्‍मत की और बड़े भाई आलोक मिश्रा के साथ अपनी बहन के पास कानपुर पहुंच गया। जिस दिन मैं कानपुर पहुंचा उसी के दूसरे दिन अस्‍पताल में मेरे जीजा का इलाज के दौरान देहांत हो गया। हमारे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मैंने अपने जीजा को हमेशा के लिए खो दिया, मन टूट चुका था लेकिन अपनी बहन और उसके बच्‍चों को देखकर मैंने अपने मन को समझाया कि अभी इनकी हिम्मत मुझे बनना है।

कमजोरी बहुत थी लेकिन मैंने अपने आत्‍मबल मजबूत रखने के साथ विपरीत परिस्थितियों में दवा, एक्‍सरसाइज, हाई प्रोटीन डाइट और संतुलित आहार लेता रहा और अपने भाई के संग अपनी बहन और उसके बच्‍चों को संभालता रहा। हालांकि इस दौरान मानसिक रूप से मैं जब बहुत परेशान होता था तो मेरे परिवार और मित्रों ने फोन पर बात करता रहता था और जिससे मेरा मनोबल मजबूत होता गया। मैं कोरोना से जंग जीतने के बाद सभी से ये ही कहूंगा कि अगर कोविड हो जाए तो घबराएं बिलकुल नहीं और डाक्‍टर की बताई दवाइयां जरूर खाते रहें। इसके साथ ही ऐसे समय में अपना पसंददीदा काम करते रहना चाहिए, इससे आपका माइंड डॉयवर्ट रहता है। गरारा, गरम पानी पीना और भांप लेते रहना चाहिए। ये सब करने से जल्‍द वायरस के कारण होने वाले तकलीफ काफी कम हो जाती है।

English summary
Corona Successory story Anuj Mishra lucknow, mind was struck by the disaster on the family, yet did not lose courage
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