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'नान' घोटाले की जांच IPS कल्‍लूरी के हवाले, लोकसभा चुनाव से पहले सौंपनी होगी रिपोर्ट

रायपुर। छत्‍तीसगढ़ की राजनीति में 36,000 करोड़ का 'नान' (नागरिक आपूर्ति निगम घोटाला एक बार फिर चर्चा में है। भूपेश बघेल सरकार ने रमन सरकार के दौरान हुए नागरिक आपूर्ति निगम घोटाले की जांच का जिम्‍मा आईजी एसआरपी कल्‍लूरी को सौंपा है। बघेल सरकार ने कल्‍लूरी के नेतृत्‍व में 12 सदस्‍यीय एसआईटी का गठन किया, जिसे तीन महीने के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। मतलब लोकसभा चुनाव से ऐन पहले इस घोटाले की रिपोर्ट बघेल सरकार की टेबल पर होगी। रमन सरकार में बस्‍तर के आईजी रहे एसआरपी कल्‍लूरी को मुख्‍यमंत्री भूपेश बघेल कुछ दिनों पहले ही एंटी करप्शन ब्यूरो और इकनॉमिक ऑफेंस विंग (ईओडब्ल्यू) जैसे महत्वपूर्ण विभाग में बड़ी सौंपी थी। कल्‍लूरी को इतना अहम पद सौंपे जाने पर सवाल इसलिए उठ रहे हैं, क्‍योंकि कल्‍लूरी वही पुलिस अधिकारी हैं, जिन पर विपक्ष में रहते हुए भूपेश बघेल और कांग्रेस ने गंभीर आरोप लगाए थे। यहां तक कि भूपेश बघेल ने कल्‍लूरी को बर्खास्‍त करने तक की मांग कर डाली थी।

डायरी में लिखे मिले थे, ‘सीएम मैडम’, ‘सीएम सर’जैसे नाम

डायरी में लिखे मिले थे, ‘सीएम मैडम’, ‘सीएम सर’जैसे नाम

यह मामला 2015 में सामने आया था जब छत्तीसगढ़ के एंटी करप्शन ब्यूरो और आर्थिक अपराध शाखा ने नागरिक आपूर्ति निगम के कुछ बड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। छापेमारी में करोड़ों रुपये के साथ ही डायरी, अन्‍य महत्‍वपूर्ण दस्तावेज, हार्ड डिस्क भी जब्त की गई थी। मामले में गिरफ्तार एक अधिकारी की डायरी में ‘सीएम मैडम', ‘सीएम सर' जैसे नामों से कई एंट्री दर्ज पाई गईं। कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव 2018 के चुनाव प्रचार के दौरान इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया था। कांग्रेस ने इस डायरी के बहाने रमन सिंह पर सीधा हमला बोला।

2019 लोकसभा चुनाव में 'नान' घोटाले को बीजेपी के खिलाफ बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी

2019 लोकसभा चुनाव में 'नान' घोटाले को बीजेपी के खिलाफ बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी

भूपेश बघेल ने जिस तेजी के साथ 'नान' घोटाले की जांच की दिशा में कदम बढ़ाए हैं, उससे लगता है कि वह 2019 लोकसभा चुनाव में इस मुद्दे को बीजेपी के खिलाफ बड़े हथियार के तौर पर इस्‍तेमाल करना चाहते हैं। अभी जनवरी है, आईपीएस कल्‍लूरी को तीन महीने बाद का समय दिया गया है। मतलब उन्‍हें मार्च 2019 में रिपोर्ट देनी होगी। लोकसभा चुनाव मई के आसपास होंगे, ऐसे में कांग्रेस के पास इस मुद्दे को भुनाने का पर्याप्‍त समय होगा। इस घोटाले की जांच का जिम्‍मा संभालने वाले आईपीएस कल्‍लूरी विवादों से जरूर घिरे रहे हैं, लेकिन रिजल्‍ट देने के मामले में उनका ट्रैक रिकॉर्ड शानदार रहा है। बस्‍तर आईजी के तौर पर कई सकारात्‍मक कार्यों की वजह से भी कल्‍लूरी का नाम चर्चा में रहा। बस्तर रेंज में आईजी कल्लूरी ने कई नक्सल विरोधी अभियान चलाए। उनके कार्यकाल में कई नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। कल्लूरी के बारे में बताया जाता है कि वह कई अभियानों में खुद सक्रिय रहे। नक्सल विरोधी अभियानों में वह न केवल शामिल हुएए बल्कि रात-रात भर पैदल भी चले।

ये टीम करेगी 'नान' घोटाले की जांच

ये टीम करेगी 'नान' घोटाले की जांच

-एसआरपी कल्लूरी पुलिस महानिरीक्षक, राज्य आर्थिक अपराध SIT अन्वेषण ब्यूरो एवं एंटी करप्शन ब्यूरो छत्‍तीसगढ़ प्रभारी

-आई कल्याण एलेसेला, पुलिस अधीक्षक नारायणपुर
-मनोज कुमार खिलारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसीबी,रायपुर
-उनेजा खातून अंसारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जशपुर
-विश्वास चंद्राकर, उप पुलिस अधीक्षक, ईओडब्ल्यू रायपुर सदस्य
-अनिल बक्शी, उप पुलिस अधीक्षक, ईओडब्ल्यू रायपुर सदस्य
- एलएस कश्यप निरीक्षक, सी.आई.डी.रायपुर
-बृजेश तिवारी, निरीक्षक, एसीबी,रायपुर
- रमाकांत साहू, निरीक्षक, एसीबी,रायपुर
-मोतीलाल पटेल, निरीक्षक, काकेर
-फरहान कुरैशी, निरीक्षक, ईओडब्ल्यू रायपुर
-एनएन चतुर्वेदी, विधि विशेषज्ञ, सेवानिवृत्त उप संचालक सदस्य

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