क्राउडफंडिंग अभियान के जरिए ओडिशा में आईटी छापे से खराब हुई छवि को बदलना चाहती है कांग्रेस
कांग्रेस पार्टी ने क्राउडफंडिंग अभियान की शुरूआत की है। दिल्ली में कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्किार्जुन ने सोमवार को हरी झंडी दिखा कर इस अभियान को शुरू किया। वहीं अन्य राज्यों के अलावा ओडिशा में भी ये अभियान शुरू किया गया। यहां पर ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (OPCC) के प्रमुख शरत पटनायक ने ओडिशा के लोगों से इस अभियान का समर्थन करने की अपील की। वहीं कांग्रेस ने क्राउडफंडिंग अभियान को आलोचक ओडिशा में आईटी छापों के बाद छवि बदलने की कोशिश करार दे रहे हैं।

इस अभियान की आलोचना करते हुए लोगों ने इसे कांग्रेस का छवि परिवर्तन अभियान भी करार दिया है, जो कांग्रेस सांसद धीरज साहू से जुड़ी शराब निर्माण कंपनियों से 350 करोड़ रुपये की नकदी की जब्ती के बाद गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है।
जब ऐसा ही सवाल ओडिशा कांग्रेस पार्टी प्रदेश अध्यक्ष शरत पटनायक से किया गया तो उन्होंने कहा कहा, "यह अभी भी साबित नहीं हुआ है कि ओडिशा में जब्त की गई नकदी काला धन है।
बता दें लोकसभा चुनाव 2024 से पहले कांग्रेस ने अपनी पार्टी के लिए धन इकट्ठा करने के लिए क्राउडफंडिंग अभियान 'डोनेट फॉर देश' शुरू किया। कांग्रेस का ये अभियान पार्टी के 138वें स्थापना दिवस के अवसर पर 28 दिसंबर तक जारी रहेगा।
इस अभियान के तहत पार्टी ने 18 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों से न्यूनतम 138 रुपये या 1,380 रुपये या 13,800 रुपये और इसी तरह के गुणकों में दान मांगा है।
इतना ही नहीं कांग्रेस पार्टी के लिए जो कोई भुगतान कर देगा, तो उसे कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा हस्ताक्षरित एक प्रमाणपत्र दिया जाएगा। अभियान के तहत घर-घर जाकर संग्रह अभियान भी शामिल है जो 28 दिसंबर से शुरू होगा।
कांग्रेस पार्टी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस और सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूकता बढ़ाने के लिए कहा गया है। पार्टी कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों को हर बूथ पर कम से कम दस घरों तक 138 रुपये और उससे अधिक के योगदान के लिए पहुंचने का लक्ष्य दिया गया है। इस अभियान को 1920-21 में महात्मा गांधी के तिलक स्वराज कोष से प्रेरित माना जा रहा है।












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