मानसून सत्र में मोदी सरकार को घेरेगी कांग्रेस, उठाएगी चीन विवाद समेत ये मुद्दे
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के 10 सितंबर से शुरू होने की उम्मीद है। इस सत्र में कांग्रेस लद्दाख में चीन के साथ सीमा गतिरोध और फेसबुक के कथित सांठगांठ जैसे मुद्दों को उठाकर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को घेरने की कोशिश करेगी। इसे लेकर पार्टी सांसदों के साथ मिलकर रणनीति तैयार कर रही है। मानसून सत्र में कांग्रेस को कोविड -19 महामारी से निपटने असफल रही मोदी सरकार पर हमला बोल सकती है। कांग्रेस कोरोना के कारण पैदा हुएआर्थिक संकट , बेरोजगारी, और कृषि संकट जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठा सकती है।

कांग्रेस के पदाधिकारी ने कहा कि पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीमा रेखा पर बयान की मांग करेगी, खासकर 19 जून की सर्वदलीय बैठक में उनकी टिप्पणी के बाद कि लद्दाख में भारतीय क्षेत्र में चीनी बलों द्वारा कोई घुसपैठ नहीं की गई है। कांग्रेस अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में चीन का नाम लेने से परहेज करने के लिए मोदी पर हमला बोला, उन्होंने कहा कि सरकार को लोगों को यह बताना चाहिए कि वह भारतीय क्षेत्रों पर कब्जा करने वाले चीनी बलों को कैसे पीछे हटा रही है।
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पार्टी के पदाधिकारी ने बताया कि, वे पिछले हफ्ते वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट पर एक संयुक्त संसदीय समिति की जांच की मांग करेंगे, जिसमें दावा किया गया था कि फेसबुक के भारतीय कर्मचारियों ने भाजपा नेताओं द्वारा की गई अभद्र भाषा से निपटने में नियमों की अनदेखी की। कांग्रेस ने फेसबुक और भाजपा के बीच एक "अपवित्र सांठगांठ" का आरोप लगाया है। कांग्रेस ने पत्र में कहा कि, फर्जी समाचार तथा नफरत फैलाने वाले भाषणों के जरिए कठिनता से हासिल किए गए लोकतंत्र के साथ धांधली की इजाजत किसी को नहीं दे सकते हैं। वाल स्ट्रीट जनरल ने जैसा खुलासा किया है कि घृणा और झूठी खबर फैलाने के इस खेल में फेसबुक शामिल है, इस संबंध में देश के सभी नागरिकों को सवाल उठाने की जरूरत है।
पदाधिकारी ने कहा कि कांग्रेस कोविड -19 महामारी को लेकर सरकार को निशाने पर लेगी। राहुल गांधी ने फरवरी के शुरू में इस मुद्दे को उठाया था, तब भाजपा का मजाक उड़ाया था। देखिए, अब हम कहां खड़े हैं। हम दो मिलियन कोरोना मामलों को पार कर दुनिया के तीसरे देश बन गए हैं। जिसके परिणामस्वरूप एक बड़ा आर्थिक संकट और बड़े पैमाने पर नौकरी का नुकसान हुआ। सरकार को हमें यह बताना होगा कि महामारी को रोकने में सरकार क्यों और कैसे विफल रहा।
पदाधिकारी ने कहा कि पार्टी नौकरी के नुकसान, कृषि संकट और आर्थिक संकट के मुद्दों को भी उठाएगी। इसके अलावा पीएमओ द्वारा पीएम केयर्स फंड की जानकारी आरटीआई के तहत देने से इनकार करने का मामला भी उठाएगा। हम फंड में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। यह किसी व्यक्ति का नहीं बल्कि देश का है।












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