राफेल डील पर फ्रांस के अखबार का दावा, कांग्रेस ने मोदी पर लगाया बड़ा आरोप

नई दिल्ली। राफेल विवाद में शनिवार को एक नया मोड़ आ गया है। फ्रांस के एक बड़े अख़बार 'ला मॉन्ड' ने अनिल अंबानी को लेकर एक बड़ा दावा किया है। फ्रांस के अखबार ला मोंडे का दावा है कि साल 2015 में राफेल डील के बाद फ्रांस की अथॉरिटीज ने अनिल अंबानी का 143.7 मिलियन यूरो यानी 1,124 करोड़ रुपए से ज्‍यादा का कर्ज माफ किया था। अब कांग्रेस ने इस मामले पर बड़ा हमला बोला है। कांग्रेस की ओर प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि, आज फ्रांस के समाचार पत्र The Le Monde में खुलासा हुआ। क्या राफेल घोटाले में भ्रष्टाचार की मनी ट्रेल सामने आ गई? क्या मोदी अपने मित्र AA के लिए मिडिल मैन का काम कर रहे हैं? क्या फ्रांस सरकार ने AA की 143 मि. यूरो की टैक्स लाइबिलिटी माफ कर दी है।

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सुरजेवाला ने कहा कि, इस राफेल घोटाले में 5 चीजें बहुत महत्वपूर्ण है। 23 मार्च 2015 को मोदी जी के मित्र AA पेरिस जाकर रक्षा मंत्री के सलाहकार और दूसरे अधिकारियों से मिलते हैं। तब तक 128 राफेल बनाने का कॉन्ट्रैक्ट देश की सरकारी कंपनी HAL के पास था। 8 अप्रैल 2015 को मोदीजी के फ्रांस जाने से 48 घण्टे पहले विदेश सचिव बताते हैं कि मोदीजी जहाज की चर्चा नहीं करने वाले, HAL ही ये जहाज बनाएगी। 10 अप्रैल 2015 को मोदीजी अकेले फ्रांस जाते हैं और 128 जहाजों की सस्ती डील को कूड़ेदान में डाल देते हैं।

सुरजेवाला ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि, 21 सितंबर 2018 को फ्रांस के तत्कालीन राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद कहते हैं कि हमारे पास कोई विकल्प नहीं था, मोदी जी ने कहा था कि यह ₹30,000 करोड़ का सौदा HAL से लेकर अनिल अंबानी को देना है। हमें ये पता है कि 13 मार्च 2014 तक दसॉल्ट कम्पनी का HAL के साथ ₹30,000 करोड़ का वर्क शेयर एग्रीमेंट था। ये उन्होंने अपने ट्वीटर हैंडल पर भी लिखा है।

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सुरजेवाला ने कहा कि, एक और बात सामने आई है कि 2017-18 में AA की 'ज़ीरो सम कंपनी' में दसॉल्ट एविएशन ₹284 करोड़ डाल देती है। इस कम्पनी का नाम था रिलायंस एयरपोर्ट डवलपर लिमिटेड। यह तब हो रहा था जब भारत सरकार दसॉल्ट एविएशन को एडवांस पेमेंट कर रही थी। मोदी जी 126 जहाज के स्थान पर 36 राफेल विमान और मेक इन इंडिया की जगह मेक इन फ्रांस की घोषणा कर आते हैं। यह लगभग 7.8 बिलियन यूरो की डील है। फ्रांस में कितनी अन्य कंपनियों को कर लाभ मिला है? क्या यह एयरक्राफ्ट की खरीद के लिए क्विड प्रो क्वो नहीं है?

सुरजेवाला ने कहा कि, फ्रांस में अनिल अंबानी की कम्पनी है- रिलायन्स अटलांटिक फ्लैग फ्रांस। 2007-10 के बीच में RAFF पर 60 मि. यूरो की टैक्स डिमांड आ गयी। उन्होंने कहा कि हम तो 7 मि. यूरो ही दे सकते हैं। 2010-12 में 91 मि. यूरो टैक्स और लगा गया। टैक्स प्राधिकरण ने लगभग 150 मिलियन यूरो में से साढ़े सात मिलियन यूरो देने की उनकी पेशकश खारिज कर दी। 10 अप्रैल को मोदी जी फ्रांस जाकर 36 जहाज खरीदने की घोषणा कर आते हैं। इसके बाद फ्रांस सरकार अनिल अंबानी की कंपनी के टैक्स को माफ कर देती है

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