पटना में बाढ़ का प्रकोप, पानी में डूबा एक और नेता का घर
पटना। जब प्रकृति अपना रौद्र रूप दिखाती है, तो चाहे व्यक्ति आम हो या खास किसी को भी नहीं छोड़ती। ऐसा ही कुछ अब बिहार की राजधानी पटना में भी देखने को मिल रहा है। सितंबर के आखिरी दिनों में हुई भीषण बारिश से पूरा पटना जलमग्न हो चुका है। जिससे अभी तक 32 लोगों की मौत हो गई है।

यहां बाढ़ आने से ना केवल आम लोग बल्कि नेता भी पेरशान हैं। शहर की पाटलीपुत्र कॉलोन में स्थित कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अखिलेश प्रताप सिंह का घर भी पानी में डूब चुका है। घर के अंदर और बाहर पानी ही पानी है।
इससे पहले उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी समेत कई अन्य नेताओं के घरों के डूबने की खबर भी आ चुकी है। सुशील मोदी चार दिनों तक अपने राजेंद्र नगर स्थित घर में फंसे हुए थे। जिसके बाद एनडीआरएफ की टीम ने उन्हें परिवार सहित बचाया।
शहर में 26 से 29 सितंबर के बीच कुल 210.8 मिमी बारिश हुई है। इससे पहले साल 1963 (198.1 मिमी), 1960 (136.1 मिमी), 2007 (126.7 मिमी), 1989 (117.8 मिमी), और 1902 (116.8 मिमी) में भी इतनी बारिश देखने को नहीं मिली।
पटना अकेला ऐसा शहर नहीं है, जहां असामान्य रूप से अधिक बारिश हुई है। बिहार में 26 से 29 सितंबर तक 181.9 मिमी बारिश हुई है, जो इन पांच सबसे ज्यादा बारिश वाले सालों की तुलना में काफी अधिक है। पूरे बिहार में हुई औसत 181.9 मिमी बारिश, पटना में हुई 210.8 मिमी बारिश से कम है। अगर 25 सितंबर, 2019 के बाद के सप्ताह को छोड़ दिया जाए, तो पटना और बिहार में क्रमशः -35% और -18% तक मानसून की बारिश हुई है।
बचाव एवं राहत कार्य के लिए एनडीआरएफ की 22 टीमों को तैनात किया गया है। जिसमें से 6 पटना में तैनात हैं। इसके साथ ही 2 आईएएफ के हेलीकॉप्टर भी तैनात हैं। बिहार में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए कैबिनेट सचिव राजीव गौबा की अध्यक्षता में एनसीएमसी की बैठक बुलाई गई है।












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