जब सिंधिया ने की थी पीएम मोदी की मिमिक्री, दिग्विजय ने शेयर किया पुराना Video
नई दिल्ली। मध्यप्रदेश की राजनीति में बड़ा उलटफेर हो गया है और पार्टी के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस का साथ छोड़ दिया है। उनके इस्तीफे के बाद कांग्रेस ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया। सिंधिया के इस्तीफे के बाद कांग्रेस के 22 विधायकों ने भी इस्तीफे दे दिए। जिससे मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार संकट में पड़ गई है। अब पार्टी के दिग्गज नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने ट्विटर पर एक वीडियो रीट्वीट कर ज्योतिरादित्य सिंधिया का मजाक उड़ाया है।
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वीडियो में क्या बोल रहे हैं ज्योतिरादित्य?
ये ज्योतिरादित्य का एक पुराना वीडियो है, जिसमें वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कस रहे हैं। इस वीडियो को रीट्वीट करते हुए दिग्विजय सिंह ने कैप्शन में लिखा है, 'मिमिक्री पर एक्सिलेंस।' वीडियो में ज्योतिरादित्य पीएम मोदी की नकल करते हुए कह रहे हैं, 'मित्रों, मेरे भाईयों और बहनों.... याद है ना, मुझे 50 दिन की मोहलत देना नहीं तो जिस भी चौराहे पर खड़ा कर देना मुझे सजा दिलवा देना, तो आज मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि कौन से चौराहे पर खड़ा होना चाहते हैं, मध्यप्रदेश की जनता उन्हें सजा देने के लिए तैयार है।'
कमलनाथ सरकार अल्पमत में नजर आ रही है
फिलहाल कमलनाथ सरकार अल्पमत में नजर आ रही है। इस बीच ये भी कहा जा रहा है कि ज्योतिरादित्य आज दोपहर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो सकते हैं। दिल्ली से लेकर भोपाल तक बैठकों का दौर चल रहा है और हर किसी की नजर इसपर है क्या कमलनाथ अपनी सरकार बचा पाएंगे। कभी राहुल गांधी के करीबी रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया ने होली के मौके पर पार्टी से इस्तीफा देकर हर किसी को हैरान कर दिया।

इस्तीफे में सिंधिया ने क्या कहा?
अपने इस्तीफे में उन्होंने बीते साल के हालातों का जिक्र किया और उसे ही मुख्य कारण बताया। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को गृहमंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ भी मुलाकात की। पहले खबर थी कि वो मंगलवार शाम को ही भाजपा में शामिल होंगे, लेकिन अब कहा जा रहा है कि वह बुधवार को शामिल होंगे।

कमलनाथ ने क्या कहा?
जहां राज्य के मुख्यमंत्री कमलनाथ दावा कर रहे हैं कि वह अभी भी बहुमत हासिल कर लेंगे। इस बीच बचे हुए जो विधायक हैं, उन्हें जयपुर लाया जा रहा है। विधायकों के इस्तीफे के बाद विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा भी गिरकर 104 पहुंच गया है। 22 इस्तीफों के बाद कांग्रेस की संख्या 114 से 92 हो गई है। वहीं मंगलवार शाम को हुई कमलनाथ की बैठक में भी 92 के बजाय 88 विधायक ही पहुंचे। फिलहाल सपा-बसपा और निर्दलीयों की मदद से कांग्रेस के पास 99 विधायकों का समर्थन हासिल है।












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