कांग्रेस में हारे-पिटे नेता खाते पंजीरी, शीला, बब्बर की चांदी
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) कांग्रेस में इन दिनों हाल के दौर में चुनाव हारे-पिटे नेताओं को मलाई बांटी जा रही हैं। दिल्ली विधानसभा का साल 2013 में हुआ चुनाव हारने वाली शीला दीक्षित को उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाने की तैयारी है। कहा जा रहा है कि उन्हें आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों को देखते हुए प्रदेश का प्रभारी बनाया जा सकता है।

हारे थे गाजियाबाद से
उधर, बीता लोकसभा चुनाव गाजियाबाद सीट से हारे राज बब्बर को कांग्रेस ने उत्तराखंड की राज्यसभा की रिक्त सीट के लिए अपना उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस प्रत्याशी राज बब्बर प्रदेश से निर्विरोध चुनकर राज्यसभा जाएंगे। इस पद के लिए एक मात्र राज बब्बर ने ही नामांकन पत्र भरा। भाजपा की ओर से कोई पर्चा दाखिल नहीं किया गया।
जमीनी नेता नहीं रहे
राज बब्बर बीता लोकसभा सभा चुनाव गाजियाबाद से बुरी तरह से हारे थे। इससे पहले भी वे कभी कोई जमीनी नेता नहीं नहीं रहे। इसके बावजूद पार्टी ने उन्हें राज्यसभा में भेजा। वे रहते हैं मुंबई में और नुमाइंदगी करेंगे उत्तराखंड की। अब वे कह रहे हैं कि वे राज्यसभा में उत्तराखंड के सवालों को सशक्त तरीके से उठाते रहेंगे।
राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तिथि मंगलवार थी। कल राजबब्बर कांग्रेस के प्रांतीय अध्यक्ष किशोर उपाध्याय के साथ विधानसभा पहुंचे। वहां पर मुख्यमंत्री हरीश रावत भी थे।
कांग्रेस को देखने वाला नहीं
जानकारों का कहना है कि दीक्षित और बब्बर को अहम जिम्मेदारियां देने से साफ है कि कांग्रेस को अब कोई देखने वाला नहीं है। दीक्षित को उत्तर प्रदेश जैसे अहम राज्य की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है,जहां पर कांग्रेस का वजूद लगातार खत्म हो रहा है। कुछ जानकार दावा कर रहे हैं कि राहुल गांधी ने दीक्षित को उत्तर प्रदेश को देखने के लिए मना लिया है।












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