जब मोदी को देख सैल्यूट करने लगे बीमार अर्जन सिंह, खुद पीएम ने बताया वो किस्सा
चाहे वह वायु सेना में सर्वोच्च रैंक हासिल करने वाले एकमात्र ऑफिसर की दास्तान हो या 44 की उम्र में वायु सेना की कमान संभालना। इन सबसे बढ़कर पाकिस्तान के खिलाफ 1965 में भारत की जीत में भी अर्जन सिंह का
नई दिल्ली। भारतीय वायु सेना के सबसे जांबाज सेनानी मार्शल अर्जन सिंह शनिवार को दुनिया छोड़ गए, जिसके बाद से पूरा देश शोकाकुल है। देश के इस सबसे बड़े सिपाही के निधन के बाद देश भर में शोक की लहर है और हर क्षेत्र की हस्तियां उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए उमड़ पड़ी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अर्जन सिंह के निधन ट्वीट कर शोक संवेदना व्यक्त की। साथ ही पीएम ने वो किस्सा भी बताया जब अर्जन सिंह बीमार होने बावजूद उन्हें सैल्यूट करने लगे थे।

अस्पताल के बेड से भी उठकर अर्जन सिंह करना चाहते थे सैल्यूट
पीएम मोदी ने उनके निधन पर शोक जताया है। पीएम मोदी ने कहा है कि देश उनके योगदान को और देश के प्रति उनकी सेवा को हमेशा याद रखेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अर्जन सिंह की वीरता का जिक्र करते हुए ट्विटर और फेसबुक पर एक पोस्ट किया है। जिसमें उन्होंने बताया है कि जब एक बार वो बीमार अर्जन सिंह से मिलने गए थे तब अर्जन सिंह बीमार होने के बावजूद उनको सलामी देने के लिए खड़े होने लगे थे तो बाद में पीएम ने उनको मना किया था।
पाकिस्तान के खिलाफ लड़ाई में अहम योगदान
अर्जन सिंह तो चले गए लेकिन पीछे छोड़ गए अपनी वीर गाथाएं। चाहे वह वायु सेना में सर्वोच्च रैंक हासिल करने वाले एकमात्र ऑफिसर की दास्तान हो या 44 की उम्र में वायु सेना की कमान संभालना। इन सबसे बढ़कर पाकिस्तान के खिलाफ 1965 में भारत की जीत में भी अर्जन सिंह का योगदान बेहद अहम रहा।

फाइव स्टार रैंक देकर प्रमोशन दिया गया था
आपको बता दें कि अर्जन सिंह भारतीय वायु सेना के एकमात्र ऐसे अधिकारी थे, जिन्हें साल 2002 फील्ड मार्शल के बराबर फाइव स्टार रैंक देकर प्रमोशन दिया गया था। भारतीय वायुसेना के मार्शल अर्जन सिंह को पद्म विभूषण सम्मान से सम्मानित किया गया था।














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