कौन कहता है कि सांप्रदायिक नहीं है 'आप'
नई दिल्ली। अरविंद केजरीवाल, आम आदमी पार्टी के संस्थापक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और अब देश के प्रधानमंत्री बनने का सपना संजो रहे हैं। अरविंद केजरीवाल की मानें तो इस समय देश में सांप्रदायिकता और भ्रष्टाचार दो ऐसे मुद्दे हैं जिन पर लड़ाई लड़नी है। वह कहते हैं कि सारी पार्टियां कभी हिन्दु तो कभी मुसलमान के नाम पर देश को बांटने का काम कर रही हैं और उनकी पार्टी का ऐसा कोई इरादा नहीं है।
केजरीवाल के मुताबिक वह धर्म के नाम पर वोट बैंक की राजनीति में यकीन नहीं रखते हैं लेकिन पिछले कुछ दिनों से जिस तरह की कैंपेनिंग वह कर रहे हैं, उससे अब उन पर भी सवाल उठने लगे हैं। वह जहां जा रहे हैं वहां के वोटर्स को रिझाने के लिए हर तरह के उपाय अपना रहे हैं।
कभी वह गंगा में डुबकी लगाते हैं तो कभी वह टोपी पहनने लगते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर केजरीवाल सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ आवाज उठाना चाहते हैं तो फिर वह भी बाकी नेताओं की ही तरह क्यों बर्ताव कर रहे हैं।
कुछ स्लाइड्स के जरिए देखिए कि कैसे केजरीवाल भी वोट बैंक को रिझाने के लिए बाकी पार्टियों की ही तरह हथकंडे अपनाने में यकीन रखने लगे हैं।

हिंदु वोटर्स को रिझाने की कोशिश
जब अरविंद केजरीवाल पहली बार वाराणसी के वोटर्स के बीच पहुंचे तो उन्होंने सबसे पहले गंगा में डुबकी लगाई।

मंदिर में भी किए दर्शन
गंगा में डुबकी लगाने के बाद अरविंद केजरीवाल सीधे पहुंच गए मंदिर जहां पर उन्होंने दर्शन किए और कहीं न कहीं वोटर्स के बीच एक संदेश भी दिया कि सिर्फ नरेंद्र मोदी ही नहीं बल्कि वह भी हिंदुवादी सोच के हैं।

मुस्लिम इलाकों में किया रोड शो
उत्तर प्रदेश में मुस्लिम वोट बैंक की क्या अहमियत है यह सभी को काफी बेहतरी से मालूम है और ऐसे में जब केजरीवाल अमेठी में थे तो यहां पर वे मजार पर इबादत करना नहीं भूले। अरविंद केजरीवाल ने यहां पर अपना रोड शो खासतौर पर मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में आयोजित किया।

टोपी की भाषा भी बदली
अरविंद केजरीवाल जब थोड़े दिनों पहले वाराणसी पहुंचे तो वह यहां पर मदनपुरा में रहने वाले मुस्लिम नेताओं से मुलाकात करना नहीं भूले। सिर्फ इतना ही नहीं अरविंद केजरीवाल की टोपी पर लिखा 'मैं हूं आम आदमी' भी उर्दू भाषा में भी नजर आने लगा है।

स्वर्ण मंदिर के दर्शन
कुछ दिनों पहले अरविंद केजरीवाल आप पार्टी के उम्मीदवार भगवंत मान के लिए पंजाब के संगरुर में चुनाव प्रचार करने पहुंचे थे। संगरुर से निकलकर केजरीवाल जा पहुंचे अमृतसर जहां पर उन्होंने न सिर्फ स्वर्ण मंदिर के दर्शन किए बल्कि यहां पर पारपंरिक अंदाज में सिर भी ढंका।

आप पार्टी ने दिया मुसलमानों को भरोसा
मार्च माह में अरविंद केजरीवाल ने राजधानी दिल्ली में आप पार्टी की ओर से 'रोडमैप फॉर इंडियन मुस्लिम' नाम से एक कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में न सिर्फ केजरीवाल ने टोपी पहनी बल्कि उन्होंने यह भी बताया कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आई तो वह देश के मुसलमानों की तरक्की के लिए क्या करेंगे।












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