गलवान घाटी में चीनी कमांडिंग ऑफिसर की भी हुई मौत, 40 से ज्यादा जवान हताहत- सूत्र
नई दिल्ली: लद्दाख में भारतीय और चीनी सेना के बीच विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इस बीच 15-16 जून की रात गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच झड़प हुई। इस झड़प में भारतीय सेना के कमांडिंग ऑफिसर समेत 20 जवान शहीद हो गए। इसके साथ ही 40 से ज्यादा चीनी सैनिकों के भी हताहत होने की खबर है। मारे गए चीनी सैनिकों में उनका कमांडिंग ऑफिसर भी शामिल है।

न्यूज एजेंसी ANI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि गलवान घाटी में झड़प के दौरान चीन की तरफ से एक कमांडिंग ऑफिसर भी शामिल था। इस घटना में उसकी भी मौत हुई है। चीन की ओर बड़ी संख्या में हेलीकॉप्टर्स और एंबुलेंस की आवाजाही दिख रही है। जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि बड़ी संख्या में चीनी सैनिक हताहत हुए हैं। फिलहाल चीन की ओर से सैनिकों की मौत पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
4 भारतीय जवानों की हालत गंभीर
भारतीय सेना के मुताबिक सीमा पर डी-एस्केलेशन की प्रक्रिया के दौरान चीनी सैनिकों ने धोखे से हमला किया। जिसमें भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए। सूत्रों के अनुसार अभी भी चार जवान जो इस झड़प में घायल हुए थे, उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। इन सभी चार जवानों का इलाज चल रहा है, लेकिन इनकी हालत काफी संवेदनशील है। 1975 के बाद ये पहला मौका है, जब चीन सीमा पर झड़प में जवानों की जान गई है।
LAC की यथास्थिति बदलना चाहता था चीन
विदेश मंत्रालय की तरफ से इस हिंसा पर आधिकारिक बयान जारी किया गया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव की तरफ से कहा गया है कि दोनों पक्षों को नुकसान झेलना पड़ा है। उन्होंने दो टूक कहा कि इस हिंसा से बचा जा सकता था, अगर चीन उस समझौते को मानता जो 6 जून को हुआ था। उन्होंने कहा कि हिंसा इसलिए हुई क्योंकि चीन की सेना ने एकपक्षीय कार्रवाई में एलएसी की यथास्थिति बदलने की कोशिश की थी।












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