केरल विधानसभा ने राज्य का नाम बदलकर 'केरलम' करने का प्रस्ताव पारित, गृह मंत्रालय की मंजूरी का इंतजार
Resolution to Rename Kerala: भारत के दक्षिणी राज्य केरल का नाम बदल सकता है। केरल विधानसभा ने सोमवार को सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया, जिसे मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने पेश किया। ऐसे में अब केरल नाम बदलकर जल्दी ही 'केरलम' हो सकता है।
केरल विधानसभा ने सोमवार को राज्य का नाम बदलकर 'केरलम' करने का प्रस्ताव पारित किया। विधानसभा में विपक्षी कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ और सत्ता पक्ष ने इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से स्वीकार किया।

हालांकि विधानसभा ने राज्य का नाम बदलने को लेकर प्रस्ताव दूसरी बार पारित किया है। इससे पहले करीब एक साल पहले विधानसभा ने राज्य का नाम 'केरलम' करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया था, जिसे सोमवार (24 जून) को मामूली सुधारों के साथ दोबारा पारित कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने प्रस्ताव पेश करते हुए केंद्र से संविधान में राज्य का नाम बदलकर 'केरलम' करने का आग्रह किया। सीएम ने केंद्र सरकार से देश के संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल सभी भाषाओं में दक्षिण राज्य का नाम केरल से 'केरलम' करने की मांग की है।
मुख्यमंत्री विजयन ने कहा, "राज्यों का गठन 1 नवंबर 1956 को भाषा के आधार पर हुआ था। केरल का जन्म दिवस भी 1 नवंबर को है। राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम के समय से ही मलयालम भाषी समुदायों के लिए एक एकीकृत केरल बनाने की आवश्यकता जोर पकड़ रही थी। लेकिन संविधान की पहली अनुसूची में हमारे राज्य का नाम केरल लिखा हुआ है।"
उन्होंने कहा कि विधानसभा सर्वसम्मति से केंद्र से संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत राज्य के नाम में संशोधन करने और संविधान की आठवीं अनुसूची में उल्लिखित सभी भाषाओं में इसे 'केरलम' करने का अनुरोध करती है। विजयन ने कहा कि मलयालम में 'केरलम' नाम का इस्तेमाल आम है, हालांकि, आधिकारिक रिकॉर्ड में राज्य को 'केरल' कहा जा रहा है।
बता दें कि अगस्त 2023 में केरल विधानसभा में भी यही प्रस्ताव पारित किया गया था, लेकिन तकनीकी कारणों से इसे फिर से पेश करना पड़ा। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार के पहले प्रस्ताव की समीक्षा की थी और कुछ तकनीकी बदलावों का सुझाव दिया था।












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