'आप तो BJP के एजेंडे में फंस गईं', राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से ममता बनर्जी ने ये क्यों कहा?
Mamata Banerjee statement: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की हालिया बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि मैं राष्ट्रपति का पूरा सम्मान करती हैं, लेकिन अगर कोई 50 कार्यक्रम में आए तो हर कार्यक्रम में मेरा शामिल होना संभव नहीं है, खासकर जब वे धरने पर बैठी हों।
मुख्यमंत्री ने कहा, जिस कार्यक्रम का उल्लेख किया जा रहा है, उसके बारे में उन्हें कोई पूर्व जानकारी नहीं थी। उनके अनुसार, राज्य सरकार को न तो उसके आयोजकों, उसकी फंडिंग और न ही आयोजन से संबंधित कोई सूचना दी गई थी।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से ममता बनर्जी ने क्यों बोली ये बात?
दरअसल, इस पूरे मामले की जड़ पश्चिम बंगाल में 9वें अंतरराष्ट्रीय संथाल कॉन्फ्रेंस में शामिल होने आईं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की नाराज़गी थी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने उत्तरी बंगाल दौरे पर पश्चिम बंगाल सरकार की आलोचना की। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी या उनके मंत्रिमंडल के किसी सदस्य के स्वागत में अनुपस्थित रहने पर सवाल उठाए। राष्ट्रपति मुर्मू ने पूछा "क्या वह मुझसे नाराज़ हैं?"
प्रोटोकॉल फॉलो नहीं किया गया
यह सवाल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अनुपस्थिति और किसी भी राज्य मंत्री द्वारा उन्हें लेने न पहुंचने के कारण चर्चा का विषय बन गया। आमतौर पर, जब राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री राज्य का दौरा करते हैं, तो प्रोटोकॉल के अनुसार वरिष्ठ राज्य मंत्रियों द्वारा उनका स्वागत किया जाता है। अंडाल में किसी वरिष्ठ राज्य मंत्री की गैर-मौजूदगी को प्रोटोकॉल का उल्लंघन माना गया। राष्ट्रपति ने कहा, "मुझे इससे व्यक्तिगत रूप से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन देश के राष्ट्रपति के लिए तय किए गए प्रोटोकॉल का पालन किया जाना चाहिए।"
सीएम ममता ने किया पलटवार
इस पर पलटवार करते हुए सीएम ममता बनर्जी ने प्रोटोकॉल का जिक्र करते हुए कहा कि राष्ट्रपति जब भी राज्य में आती या जाती हैं, उन्हें सूचित किया जाता है, लेकिन संबंधित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन से राज्य सरकार का कोई सरोकार नहीं था और न ही उन्हें जानकारी थी।
ममता बोलीं - 'आप तो BJP के एजेंडे में फंस गईं'
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति पर सीधा हमला करते हुए आरोप लगाया कि उन्हें भाजपा के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए भेजा गया है। उन्होंने कहा, "मुझे यह कहते हुए शर्म आ रही है कि राष्ट्रपति को भाजपा के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए भेजा गया है।"
बनर्जी ने आगे आरोप लगाया कि राष्ट्रपति भाजपा की राजनीतिक चालों में फंस गई हैं। उन्होंने अपनी और भाजपा की प्राथमिकताओं में अंतर बताते हुए कहा कि जहाँ भाजपा की प्राथमिकता राजनीति है, वहीं उनकी प्राथमिकता जनता का हित है।
ममता ने किएतीखे सवाल
ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति से तीखे सवाल दागे, पूछा कि "जब मणिपुर में आदिवासियों पर अत्याचार हो रहे थे तब राष्ट्रपति क्यों चुप थीं?" उन्होंने राजस्थान और महाराष्ट्र में आदिवासियों के साथ हुए कथित अत्याचारों पर भी राष्ट्रपति की चुप्पी पर सवाल उठाए।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति से आग्रह किया कि चुनाव से ठीक पहले उनके साथ राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता न की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ने किसी भी कार्यक्रम को बाधित करने का प्रयास नहीं किया था और न ही उस आयोजन से उनका कोई सीधा सरोकार था। बनर्जी ने दोहराया कि उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता राज्य के लोगों की भलाई है।












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