मौलाना के साथ वायरल फोटो पर CM Himanta Biswa का पलटवार, 'श्रद्धेय तरुण गोगोई ने जबरन कराई थी मुलाकात'
CM Himanta Biswa Viral Photo: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मौलाना के साथ वायरल फोटो को लेकर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा पर तीखा पलटवार किया है। सरमा ने सोशल मीडिया पर बयान जारी करते हुए कहा कि उनका फोटो सार्वजनिक कर कांग्रेस उल्टा दांव खेल रही है। उन्होंने दावा किया कि जिस मौलाना को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, वही मौलाना पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के मुख्यमंत्री आवास पर भी जा चुके हैं और उनके बेटे गौरव गोगोई से भी मुलाकात कर चुके हैं।
असम के सीएम कांग्रेस पार्टी और हाई कमान खास तौर पर राहुल गांधी पर तीखे वार करने के लिए जाने जाते हैं। पिछले कुछ दिनों से लगातार वह कांग्रेस सांसद और असम के पूर्व सीएम के बेटे गौरव गोगोई की पाकिस्तान यात्रा पर हमलावर हैं। कांग्रेस ने पलटवार करते हुए उनकी एक पुरानी तस्वीर शेयर की थी। इसमें हिमंत एक मौलाना के साथ दिख रहे हैं।

CM Himanta Biswa Viral Photo: वायरल फोटो पर पलटवार
सीएम सरमा ने कहा, 'श्री पवन खेड़ा मेरा फोटो एक मौलाना के साथ सार्वजनिक कर रहे हैं। यह उल्टा तीर चलाने जैसी बात है। उनकी जानकारी के लिए बता दूं कि यही मौलाना श्रद्धेय तरुण गोगोई जी के आवास पर आए थे और गौरव गोगोई से भी मिले थे।' उन्होंने आगे कहा कि जब वह कांग्रेस में थे, तब उन्हें कई मौलानाओं से मिलने के लिए कहा जाता था और यह भी उनके कांग्रेस छोड़ने का एक बड़ा कारण बना।
Assam Chunav में तुष्टिकरण का मुद्दा हावी
सरमा के इस बयान के बाद असम की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा असम में लगातार कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाती रही है। गौरव गोगोई की पाकिस्तान यात्रा और उनकी पत्नी एलिजाबेथ के पाक कनेक्शन पर खुद सीएम तीखे सवाल उठा चुके हैं। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि हिमंत सरमा मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए गोगोई परिवार का नाम घसीट रहे हैं। असम चुनाव में यब अहम मुद्दा बन सकता है।
यह विवाद केवल एक फोटो तक सीमित नहीं है, बल्कि असम की बदलती सियासत और ध्रुवीकरण की राजनीति से जुड़ा है। हिमंत सरमा लंबे समय तक कांग्रेस में रहे हैं और 2015 में भाजपा में शामिल हुए थे। तब से वह कांग्रेस पर लगातार धार्मिक तुष्टिकरण के आरोप लगाते रहे हैं। चुनावी मौसम में असम में सत्तारूढ़ भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग और तेज होगी। आने वाले दिनों में यह मुद्दा सोशल मीडिया से निकलकर जमीनी राजनीति में भी असर दिखा सकता है।












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