'तिरुपति मंदिर में सिर्फ हिंदुओं को ही नौकरी मिले', CM नायडू का बयान, अब अन्य कर्मचारियों का क्या होगा?
Tirumala Temple: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू (CM Chandrababu Naidu) ने शुक्रवार 21 मार्च को कहा कि तिरुमाला-तिरुपति देवस्थानम (TTD) यानी तिरुपति मंदिर में केवल हिंदुओं को ही नौकरी दी जानी चाहिए। सीएम चंद्रबाबू नायडू आज शुक्रवार को मंदिर में पूजा-अर्चना करने पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने यह भी कहा कि अगर दूसरे समुदाय के लोग मौजूदा समय में वहां काम कर रहे हैं तो उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचाए बिना उन्हें दूसरी जगहों पर शिफ्ट किया जाए।
एएनआई ने सीएम चंद्रबाबू नायडू के हवाले से कहा, "तिरुमाला मंदिर में केवल हिंदुओं को ही काम पर रखा जाना चाहिए। अगर दूसरे धर्मों के लोग वहां काम कर रहे हैं, तो उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचाए बिना उन्हें दूसरे स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया जाएगा।"

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने इसके अलावा भारत भर के सभी राज्यों की राजधानियों में वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर बनाने की योजना की भी घोषणा की है। हालांकि इसका काम कब से शुरू किया जाएगा...इसको लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई है। उन्होंने आगे यह भी बताया कि दुनियाभर में भगवान वेंकटेश्वर की संपत्ति की सुरक्षा के लिए पवित्र धागे को रखा गया है और उन्होंने विदेशों में भी मंदिर स्थापित करने के लिए भक्तों के बीच बढ़ती मांग को स्वीकार किया है और उसपर काम करने की उम्मीद जताई है।
पिछले महीने तिरुपति मंदिर के 18 कर्मचारियों के खिलाफ की गई थी कार्रवाई
पिछले महीने तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) ने बोर्ड द्वारा संचालित अलग-अलग संस्थानों में काम करने वाले 18 कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की थी। इन कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि वे हिंदू धर्म और परंपराओं का पालन करने की शपथ लेने के बावजूद कथित तौर पर ईसाई धर्म का पालन कर रहे थे।
ये सभी 18 कर्मचारी ईसाई थे। ये कर्मचारी टीटीडी द्वारा संचालित विभिन्न संस्थानों में इंजीनियर, हेल्पर, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ के पद पर काम कर रहे थे। आदेश में कहा गया था कि 18 कर्मचारियों को बोर्ड द्वारा आयोजित सभी धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यक्रमों में भाग लेने से रोक दिया गया है।
तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम के गैर-हिंदू कर्मचारियों का क्या होगा?
18 नवंबर 2024 को हुई टीटीडी ट्रस्ट बोर्ड की बैठक में यह फैसला लिया गया कि मंदिर प्रशासन में अलग-अलग पदों पर कार्यरत गैर-हिंदुओं को सरकार को सौंप दिया जाएगा। उसके बाद सरकार उन्हें अन्य जगहों पर काम दे सकती है। 2018 की एक रिपोर्ट के मुताबिक टीटीडी में अन्य धर्मों के 44 कर्मचारी काम करते हैं।












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