RTI वाली रिपोर्ट्स पर JNU ने दी सफाई, जानिए क्या कहा
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने आरटीआई से संबंधित मीडिया रिपोर्ट्स पर स्पष्टीकरण दिया है। आरटीआई में जो बात सामने आई है, उससे विश्वविद्यालय के दावे गलत साबित हो रहे हैं। जिसपर विश्वविद्यालय ने सफाई देते हुए कहा है, 'आरटीआई में आवेदक द्वारा विशिष्ट स्थान और प्रश्नों से संबंधित मांगी गई जानकारी दी गई है। पुलिस के पास दर्ज सभी एफआईआर और अन्य शिकायतें तथ्यों के अनुरूप हैं।'

बता दें इस आरटीआई रिपोर्ट में पता चला है कि विश्वविद्यालय के सर्वर रूम में बायोमेट्रिक सिस्टम और सीसीटीवी में तोड़फोड़ जनवरी के पहले हफ्ते में नहीं हुई थी। विश्वविद्यालय की ओर से दिया गया ये जवाब उसके खुद के उन दावों के विपरीत है, जिसमें कहा गया था कि छात्रों ने 3 जनवरी को बायोमेट्रिक सिस्टम और सीसीटीवी कैमरों को तोड़ा था। वहीं विदेशी छात्रों के मामले में विश्वविद्यालय ने कहा, 'जेएनयू प्रशासन उन मीडिया रिपोर्ट्स का भी खंडन करता है, जिसमें कहा गया है कि उसके पास यहां पढ़ाई कर रहे 82 विदेशी छात्रों की जानकारी नहीं है। जेएनयू के पास विदेशी छात्रों की वाजिब जानकारी है।'
JNU clarifies on media reports on RTI filed over 3rd Jan incident at Comm&Info Services Data Centre premises.Reply of RTI was provided relating to the specific location and questions sought by the RTI applicant. All FIRs& other complaints filed with police are in-line with facts.
— ANI (@ANI) January 22, 2020
ये आरटीआई नेशनल कैंपेन फॉर पीपुल्स राइट टू इन्फॉर्मेशन के सदस्य सौरव दास ने दायर की थी। जिसमें सर्वर रूम में तोड़फोड़ से संबंधित सवाल पूछे गए। विश्वविद्यालय ने आरटीआई के जवाब में कहा है कि सेंटर फॉर इन्फॉर्मेशन सिस्टम (सीआईएस) में जेएनयू का मुख्य सर्वर 3 जनवरी को बंद हुआ था। जिसके बाद ये अगले दिन बिजली आपूर्ति में बाधा आने की वजह से ठप हो गया। आरटीआई में ये भी बताया गया है कि 30 दिसंबर 2019 से लेकर 8 जनवरी 2020 तक कोई भी सीसीटीवी कैमरा या बायोमेट्रिक सिस्टम नहीं तोड़ा गया।
Jawaharlal Nehru University: JNU Administration strongly denies the media reports that it does not have information on the nationality of 82 foreign nationals studying at the University. JNU has all relevant information regarding foreign students studying at the University.
— ANI (@ANI) January 22, 2020
आरटीआई के जवाब में ये बात भी कही गई है कि 5 जनवरी को दोपहर 3 बजे से रात के 11 बजे तक कैंपस के उत्तरी/मुख्य द्वार पर लगे कैमरों की कोई पूरी सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं है। बता दें ये वही दिन है, जब कुछ नकाबपोश लोगों ने विश्वविद्यालय में प्रवेश कर छात्रों और शिक्षकों के साथ मारपीट की थी। जवाब में कहा गया है, '30 दिसंबर 2019 से 8 जनवरी 2020 के बीच कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं टूटा। 4 जनवरी को 17 फाइबर ऑप्टिकल केबल नष्ट हुईं। 30 दिसंबर 2019 से 8 जनवरी 2020 के बीच कोई बायोमेट्रिक सिस्टम भी नहीं टूटा।'












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