कमजोर लोग अक्सर मानवाधिकारों के उल्लंघन का शिकार होते हैं: CJI एनवी रमना
रायपुर, 31 जुलाई: भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना ने छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में हिदायतुल्ला लॉ यूनिवर्सिटी के 5वें दीक्षांत समारोह के दौरान स्नातक छात्रों को संबोधित किया। इस दौरान सीजेआई एनवी रमना ने कहा कि मैं आप सभी से अनुरोध करता हूं कि जितना संभव हो उतने निःस्वार्थ मामले उठाएं, जैसे जस्टिस हिदायतुल्ला ने एक युवा बैरिस्टर के रूप में किया था।
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लॉ की पढ़ाई करने वाले छात्रों को संबोधित करते हुए CJI रमना ने कहा कि इस देश के भविष्य को आकार देना आप पर है। आप जो राय लिखते हैं, जो नीतियां आप तैयार करते हैं, जो दलीलें और दलीलें आप अदालत में दाखिल करते हैं, और जिस नैतिकता को आप प्रिय मानते हैं, उसका दूरगामी प्रभाव पड़ेगा
वहीं उन्होंने आगे कहा कि आपको सामाजिक न्याय का प्रतीक होना चाहिए। मैं आप सभी से अनुरोध करूंगा कि न्याय के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए आपने विश्वविद्यालय में जो कौशल सीखा है, उसका इस्तेमाल करें। सबसे कमजोर लोग अक्सर राज्य या असामाजिक तत्वों द्वारा मानवाधिकारों के उल्लंघन के शिकार होते हैं।
छत्तीसगढ़ सीएम की तारीफ की
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एनवी रमना ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की भी तारीफ की। उन्होंने समारोह का संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में देश में एक रोल माडल के रूप में स्थापित हो रहा है। मुख्यमंत्री को बधाई कि वो प्रदेश को एक नई दिशा की तरफ लेकर जा रहे हैं।
हिदायतुल्ला नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के 5वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल सीजेआई एनवी रमना के साथ-साथ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी अतिथि के रूप में शिरकत की। वहीं कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधिपति न्यायमूर्ति और हिदायतुल्ला नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति अरूप कुमार गोस्वामी भी मौजूद रहे।












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