China Renames Arunachal Pradesh: 'अरुणाचल भारत का था, है और रहेगा', चीन की नाम बदलने की कोशिश पर भारत सख्त
China Renames Arunachal Pradesh: चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश के कुछ स्थानों के नाम बदलने पर भारत ने ड्रैगन को सख्त जवाब देते हुए इसे निरर्थक और हास्यास्पद करार दिया है। विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने बुधवार, 14 मई को मीडिया से बातचीत करते हुए चीन की इस चाल को सख्ती से खारिज कर दिया।
प्रवक्ता जायसवाल ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की "नामकरण प्रक्रिया" से वास्तविकता नहीं बदल सकती है। अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग था, है और हमेशा भारत का अविभाज्य हिस्सा रहेगा।

प्रवक्ता जयसवाल ने कहा, "हमने देखा है कि चीन भारत के राज्य अरुणाचल प्रदेश में स्थानों के नाम बदलने के व्यर्थ और हास्यास्पद प्रयास करता रहा है। हमारी सैद्धांतिक स्थिति के अनुरूप, हम ऐसे प्रयासों को स्पष्ट रूप से खारिज करते हैं।"
उन्होंने आगे कहा कि इस प्रकार के प्रयास वास्तविकता को नहीं बदल सकते। इस रचनात्मक नामकरण से यह अटल सच्चाई नहीं बदल सकती कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा था, है और रहेगा।
China Renames Arunachal Pradesh: भारत का दो टूक, नाम बदलने से नहीं बदलेगी सच्चाई
इससे पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी चीन के प्रयासों पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी। विदेश मंत्री ने कहा था, "अगर मैं आज आपके घर का नाम बदल दूं, तो क्या वह मेरा हो जाएगा?" एस. जयशंकर ने इसे मूर्खतापूर्ण करार देते हुऐ कहा कि ऐसा बार-बार करने पर भी यह मूर्खता ही बनी रहेगी।
उन्होंने कहा कि मैं बहुत स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं - अरुणाचल प्रदेश भारत था, है और रहेगा। जयशंकर ने यह भी जोड़ा कि उनका यह संदेश न केवल देश के भीतर, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी स्पष्ट रूप से समझा जाना चाहिए।
ये कोई पहली बार नहीं है जब चाइना पूर्वोत्तर के इस हिस्से को लेकर ऐसी हिमाकत की है इससे पहले भी कई बार चीन ने मैप में बदलाव करके इसे अपना हिस्सा बताया है। भारत ने पहले भी चीन के इन प्रयासों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि नाम बदलना सिर्फ एक प्रचारात्मक रणनीति है और इससे क्षेत्रीय सच्चाई पर कोई असर नहीं पड़ता। अरुणाचल प्रदेश पर भारत का पूर्ण और स्पष्ट दावा है और रहेगा।
China Renames Arunachal Pradesh: भारत-पाकिस्तान संघर्ष पर चीन की प्रतिक्रिया
इसी बीच, भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया सैन्य संघर्ष के दौरान चीन के विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी लियू जिनसोंग ने बीजिंग स्थित भारतीय राजदूत प्रदीप कुमार रावत से मुलाकात की। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों और साझा चिंताओं पर विचार-विमर्श किया।
10 मई को भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिनों की तीव्र सैन्य झड़पों के बाद संघर्ष विराम पर सहमति बनी। चीन ने इस समझ को दोनों देशों के दीर्घकालिक हितों और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए सकारात्मक बताया। चीन ने कहा कि वह भारत और पाकिस्तान के बीच शांति और स्थिरता बनाए रखने में रचनात्मक भूमिका निभाने को तैयार है।
China Renames Arunachal Pradesh: चीन के सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स पर बैन
ग्लोबल टाइम्स के X अकाउंट को भारत में कानूनी मांग के आधार पर प्रतिबंधित कर दिया गया है। जब भारतीय उपयोगकर्ता इस अकाउंट को एक्सेस करने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें यह संदेश दिखाई देता है: "@globaltimesnews का अकाउंट भारत में एक कानूनी मांग के जवाब में रोका गया है।"
दरअसल, भारत ने चीन के सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स की एक भ्रामक रिपोर्ट पर कड़ी आपत्ति जताई है। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि पाकिस्तान एयर फोर्स (PAF) ने भारत के तीन लड़ाकू विमानों को मार गिराया है, जो कि पूरी तरह से निराधार है।
भारतीय दूतावास ने X (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी आधिकारिक प्रतिक्रिया में कहा, " प्रिय @globaltimesnews, हम आपको सलाह देंगे कि आप तथ्यों की पुष्टि करें और स्रोतों की जांच करें, इससे पहले कि आप इस तरह की भ्रामक जानकारी प्रकाशित करें।"
China पर भारत की स्पष्ट कूटनीतिक स्थिति
भारत ने चीन और पाकिस्तान दोनों को यह स्पष्ट संदेश दिया है कि उसकी क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता से कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा। अरुणाचल प्रदेश पर किसी प्रकार के दावे या प्रचार से उसकी वास्तविक स्थिति पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। भारत अपने संप्रभु हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और हर स्तर पर इसका स्पष्ट जवाब देता रहेगा।












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