मजबूरी का फायदा उठा रहा चीन, मेडिकल उपकरणों की बढ़ी कीमतों का भारत ने किया विरोध
नई दिल्ली, 14 मई: कोरोना की दूसरी लहर से भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है। जिस वजह से अस्पतालों में बेड, ऑक्सीजन सिलेंडर, वेंटिलेटर समेत कई मेडिकल उपकरणों की किल्लत है। पहली लहर में जब कई देशों का बुरा हाल था, तो भारत ने राहत सामग्री भेजकर उनकी मदद की। जिस वजह से अब मुश्किल वक्त में अमेरिका, ब्रिटेन, रूस समेत कई देश भारत के साथ खड़े हैं, लेकिन इस बीच पड़ोसी देश चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है।
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दरअसल देश में ऑक्सीजन सिलेंडर, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, किट, दवाइयों आदि की मांग तेजी से बढ़ रही है। जिस वजह से व्यापारी इसे चीन से खरीद रहे लेकिन मांग बढ़ती देख चीन ने जरूरी सामानों की कीमत बढ़ा दी है। हॉन्गकॉन्ग में भारतीय राजनयिक प्रियंका चौहान ने साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट से बातचीत में बताया कि भारत ने चीन के वाणिज्य दूतावास के पास चीनी सप्लायर्स की तरफ से कीमतों में वृद्धि किए जाने को लेकर विरोध दर्ज कराया है। साथ ही मेडिकल उपकरणों में बढ़ोत्तरी को कम करने की मांग की। भारत ने उम्मीद जताई कि चीनी सरकार जल्द ही इस दिशा में कड़े कदम उठाएगी।
चौहान ने आगे कहा कि भारत चाहता है कि ये सप्लाई चेन खुली रहे और कीमतें भी स्थिर रहें। भले ही सप्लाई और डिमांड को लेकर दबाव रहता हो लेकिन उत्पादों की कीमतों में स्थिरता होनी चाहिए। इसके अलावा उत्पादों की कीमतों का पूर्वानुमान भी होना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि मुझे नहीं पता कि चीनी सरकार इस मामले में दखल दे सकती है या नहीं, लेकिन अगर वो अपने व्यापारियों को समझाएंगे तो भारत के लिए ये अच्छा होगा। एक दूसरी रिपोर्ट के मुताबिक चीनी व्यापारी दाम कई गुना बढ़ा रहे हैं। जैसे 10 लीटर के ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की कीमत पहले 220 डॉलर हुआ करती थी, लेकिन अब वही 1000 डॉलर के आसपास मिल रहा है। वहीं वेंटिलेटर्स के दामों में 6000 से 30000 डॉलर तक की बढ़ोतरी हुई है।












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