जहां मिड डे मील में बच्चों को मिलता है मशरूम मसाला

सामान्य बाजार में मशरूम बहुत मंहगा है, बावजूद इसके स्कूल के बच्चों को प्रत्येक सोमवार को मशरूम की सब्जी परोसी जाती है। ग्राम मुरता के जागृति समूह की अध्यक्ष सहोदरा साहू व एकता स्वसहायता समूह की अध्यक्ष गणेश्वरी ने वीएनएस को बताया कि बेमेतरा जिले की तत्कालीन कलेक्टर श्रुति सिंह ने समूह को मशरूम उत्पादन के लिए प्रेरित किया। अभनपुर जाकर दो सदस्यों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके बाद मुरता में उत्पादन प्रारंभ किया गया।
सदस्यों ने बताया कि 150 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से पांच से 10 किलोग्राम मशरूम बेचा जाता है। मशरूम का बाजार नजदीक न होने के कारण ग्रामवासियों को फ्रीजर की जरूरत है। समूह को जनपद पंचायत से ऋण मिला है, पर उसे सामग्री व अन्य मद में खर्च कर दिया गया है।
विद्यार्थी सूर्यप्रकाश व लक्ष्मी ने बताया, "हमें मशरूम की सब्जी हर सप्ताह मिलती है।" स्कूल को मिली भोजन सूची में हालांकि मशरूम की सब्जी नहीं है, लेकिन समूह द्वारा प्रदान की जा रही मशरूम की सब्जी से बच्चों को अतिरिक्त ऊर्जा और विटामिन मिल रहा है।












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