MP के घमासान पर कमलनाथ ने तोड़ी चुप्पी, कहा- चिंता ना करो, बहुमत साबित करूंगा
भोपाल। मध्य प्रदेश में मची सियासी उठापटक के बीच मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व वाली प्रदेश कांग्रेस सरकार अपने आप को बचाने की हर संभव कोशिश कर रही है। इसी के चलते मंगलवार को कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई। इस बैठक में 100 विधायकों के शामिल होने का दावा किया गया है। इस पूरे घटनाक्रम पर पहली बार कमलनाथ ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। कमलनाथ ने दावा किया कि, उनकी सरकार सुरक्षित है। हम बहुमत साबित कर लेंगे।

मध्य प्रदेश के के घमासान पर चुप्पी तोड़ते हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि, चिंता की कोई बात नहीं है, हम अपना बहुमत साबित करेंगे। हमारी सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस नेता मुकुल वासनिक, हरीश रावत और दीपक बाबरिया भोपाल के लिए निकले। वे मौजूदा संकट को लेकर वहां के हालातों का जायजा लेंगे। सूत्रों के हवाले से यह भी खबर है कि कमलनाथ नाराज विधायकों की घर वापसी की कोशिश करेंगे।
कर्नाटक में मौजूद नाराज विधायकों को मनाने के लिए कमलनाथ सज्जन सिंह वर्मा और गोविंद सिंह समेत तीन लोग को कर्नाटक भेज रहे हैं। बताया जा रहा है कि तीसरा दूत कोई गैर राजनीतिक होगा। वहीं कांग्रेस नेता शोभा ओझा ने कहा कि विधायकों को कहा गया था कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को राज्यसभा का टिकट दिलाना है इसलिए आपलोग उनके समर्थन में हस्ताक्षर कीजिए। इसी बहाने से कराए हस्ताक्षर के कागज को विधायकों के इस्तीफे के रूप में पेश किया गया है।
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मध्यप्रदेश विधानसभा में 230 सीटें हैं, जिनमें से वर्तमान में दो खाली हैं। इस प्रकार वर्तमान में प्रदेश में कुल 228 विधायक हैं, जिनमें से 114 कांग्रेस, 107 बीजेपी, चार निर्दलीय, दो बहुजन समाज पार्टी एवं एक समाजवादी पार्टी का विधायक शामिल हैं। कमलनाथ के नेतृत्व वाली मध्यप्रदेश की कांग्रेस सरकार को इन चारों निर्दलीय विधायकों के साथ-साथ बसपा और सपा का समर्थन है। 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद कांग्रेस की संख्या 92 हो जाएगी। वहीं इस्तीफा देने वाले विधायकों की सस्यता जाने पर बहुमत का नंबर 104 हो जाएगा।












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