छत्तीसगढ़ बना अत्याधुनिक उद्योगों का राष्ट्रीय केंद्र, मुख्यमंत्री साय ने दिया ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का विजन

औद्योगिक संवाद 2023 में, मुख्यमंत्री विष्णु देव साई ने AI और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने की छत्तीसगढ़ की रणनीति बताई, जिसका लक्ष्य महत्वपूर्ण आर्थिक विकास और रोजगार सृजन करना है।

रायपुर, 1 जुलाई — मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ इंडस्ट्री डायलॉग-2 के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य अब कोर सेक्टर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फार्मा, डिफेंस, एयरोस्पेस और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे भविष्य के उद्योगों का राष्ट्रीय केंद्र बनने के लिए पूरी तरह तैयार है।

Chhattisgarh's Vision for Future Industries

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति रोजगार सृजन और आर्थिक समृद्धि को केंद्र में रखकर तैयार की गई है। सरकार का उद्देश्य राज्य को नक्सल प्रभावित अतीत से उबारकर देश का सबसे गतिशील औद्योगिक और तकनीकी हब बनाना है। उन्होंने बताया कि हाल ही में राज्य कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ लॉजिस्टिक पॉलिसी-2025 को मंजूरी दी है, जिससे राज्य को राष्ट्रीय लॉजिस्टिक हब बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर माना जाएगा। इस नीति के माध्यम से ड्राई पोर्ट, इनलैंड कंटेनर डिपो की स्थापना को बढ़ावा मिलेगा और निर्यात अधोसंरचना को मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जन विश्वास विधेयक के तहत कुछ प्रावधानों का गैर-अपराधीकरण करके व्यापारियों को अनावश्यक न्यायिक प्रक्रियाओं से राहत मिलेगी। इससे व्यापार व जीवनयापन में सहजता आएगी और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में सुधार होगा। पिछले डेढ़ वर्ष में राज्य में 350 से अधिक संरचनात्मक सुधार किए गए हैं। परिणामस्वरूप, महज छह महीनों में ₹5.5 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं — जो राज्य के इतिहास में एक कीर्तिमान है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पॉलीमैटेक कंपनी को सेमीकंडक्टर निवेश के लिए भूमि आवंटन कर एनओसी जारी की गई है और ₹1,143 करोड़ के प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो चुका है। इस संयंत्र से प्रतिवर्ष 10 अरब चिप उत्पादन का लक्ष्य है। नवा रायपुर को 'सिलिकॉन वैली ऑफ छत्तीसगढ़' बनाने की दिशा में सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 लागू किया गया है, जिससे उद्योगों को अनुमोदन और सब्सिडी एक क्लिक में मिल सकेगी।

बस्तर-सर्गुजा में उभरता विकास

नक्सलवाद से प्रभावित क्षेत्र अब विकास की नई राह पर हैं। बस्तर में 90,000 युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और 40,000 से अधिक को रोजगार मिला है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए तीरथगढ़ ग्लास ब्रिज और बस्तर टूरिज्म सर्किट का विकास किया जा रहा है। वहीं आदिवासी उद्यमियों के लिए रॉयल्टी रिइंबर्समेंट और सब्सिडी जैसे प्रावधान किए गए हैं।

युवाओं के लिए अवसर, उद्योगों के लिए भरोसा

नवीन औद्योगिक नीति अगले पांच वर्षों में 5 लाख रोजगार सृजन का रोडमैप पेश करती है। मुख्यमंत्री ने टेक्सटाइल, एआई, फार्मा, डिफेंस, मेडिकल टूरिज्म और ऊर्जा को भविष्य की अर्थव्यवस्था के स्तंभ बताते हुए उद्यमियों से छत्तीसगढ़ में निवेश करने का आह्वान किया।

1.23 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव, 20 हजार से अधिक रोजगार

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 11 कंपनियों को इनविटेशन टू इन्वेस्ट पत्र सौंपे। इन प्रस्तावों से 20,627 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। मेसर्स सारडा हाइड्रोपावर रायपुर, ईएसडीएस सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस नासिक और जिंदल पावर लिमिटेड सहित अन्य कंपनियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि सरकार सरल, पारदर्शी और तेज प्रक्रियाओं को प्राथमिकता दे रही है। वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 से निवेशकों को न्यूनतम समय में स्वीकृतियां प्राप्त होंगी।

नक्सल उन्मूलन की प्रतिबद्धता

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में नक्सल समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में सरकार प्रतिबद्ध है। लक्ष्य मार्च 2026 तक नक्सल समस्या का संपूर्ण उन्मूलन है, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में शांति और विकास स्थापित हो सके।

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