Chandrayaan-3: उल्टी गिनती हो गई है शुरू, दोबारा नींद से जागा तो क्या-क्या करेगा प्रज्ञान रोवर?
चंद्रयान-3 का लैंडर विक्रम और रोवर प्रज्ञान इस वक्त स्लीप मोड में हैं। चांद के दक्षिणी ध्रुव के पास धीरे-धीरे अंधेरा हो रहा, ऐसे में उम्मीद जताई जा रहा कि जल्द ही दोनों एक्टिव हो जाएंगे और फिर से इसरो कमांड सेंटर से संपर्क स्थापित करेंगे।
लोगों के मन में ये सवाल है कि नींद से जागने के बाद दोनों उपकरण क्या-क्या करेंगे? वैसे तो विक्रम और प्रज्ञान ने अपना सारा टॉस्क पूरा कर लिया है, लेकिन अगर वो नींद से जाग जाते हैं, तो ये बोनस होगा।

प्रज्ञान के पैनल उस दिशा में हैं, जहां सूर्य की किरणें पड़ेंगी। इसके अलावा उसकी बैट्री भी फुल चार्ज है। ऐसे में वो जागते ही चांद की सतह पर अध्ययन फिर से शुरू कर देगा। वो वहां मौजूद अन्य तत्वों का पता लगाने की कोशिश करेगा। साथ ही भूकंप से जुड़ी गुत्थियों को सुलझाएगा।
ये सब डेटा प्रज्ञान रोवर विक्रम लैंडर को देगा, जो उसे आर्बिटर के जरिए कमांड सेंटर भेजने में मदद करेगा। इसरो के लिए अगले 24 घंटे अहम हैं। अगर सब कुछ सही रहा, तो कल (22 सितंबर) इसरो का चंद्रयान-3 से संपर्क स्थापित हो जाएगा।
अब तक क्या-क्या खोज की?
प्रज्ञान रोवर का सबसे ज्यादा फोकस चांद की सतह का अध्ययन करने पर था। ऐसे में उसने वहां पर एल्युमिनियम (Al), सल्फर (S), आयरन (Fe), क्रोमिशियम (Cr), टाइटेनियम (Ti), मैगनीज (Mn), सिलिकॉन (Si) और ऑक्सीजन (O) का पता लगाया।
तापमान से जुड़ी अहम जानकारी दी
इसरो के मुताबिक प्रज्ञान रोवर ने चांद की सतह का तापमान नापा है। जिस पर पता चला कि ऊपरी परत का तापमान 50 डिग्री सेल्सियस के आसपास था, जबकि जब उसने 8 सेंटीमीटर नीचे उपकरण भेजा, तो पता चला कि तापमान 10 डिग्री सेल्सियस गिरकर 60 डिग्री सेल्सियस हो गया। इसके अलावा उसने वहां पर भूकंप से जुड़ी कुछ अहम जानकारी हासिल की है। दोबारा एक्टिव होने के बाद दोनों इस खोज को आगे बढ़ाएंगे।












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