Chandrayaan 3: '6 पहिए, 27 किलो वजन और 50 W का इलेक्ट्रिक पावर', जानिए रोवर ‘प्रज्ञान’ से जुड़ी खास बातें
What is Pragyan Rover?: आज भारत के लिए बहुत बड़ा दिन है क्योंकि इसरो ने चंद्रयान-3 लॉन्च करके इतिहास रच दिया है।मालूम हो कि चंद्रयान-3 शुक्रवार दोपहर 2 बजकर 35 मिनट पर श्रीहरिकोटा के सतीश धवन सेंटर से लॉन्च किया गया है। इससे पहले ये करिश्मा अमेरिका, रूस और चीन ही कर पाए थे।

आपको बता दें कि चंद्रयान 3 तीन हिस्सों मे बंटा हुआ है, जो कि निम्नलिखित है..
- प्रपल्शन मॉड्यूल
- लैंडर मॉड्यूल
- रोवर
आपको बता दें कि इसके तहत जैसे ही चंद्रयान-3 लॉन्च होगा वैसे प्रपल्शन मॉड्यूल लैंडर और रोवर को मून की आर्बिट में लगभग 100 किमी ऊपर की स्पेस पर छोड़ेगा और इसके बाद वो आर्बिट में लैंडर और रोवर से संपर्क बनाए रखने के लिए लगातार चक्कर लगाता रहे हैं। इसके बाद अब बात करते हैं लैंडर मॉड्यूल की जिसका नाम 'विक्रम' और रोवर का 'प्रज्ञान' रखा गया है।
चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव की मिलेगा जानकारी
जैसे ही सतत पर लैंडिंग होगी, लैंडर से रोवर को चांद के साउथ एरिया में उतारा जाएगा। आपको बता दें कि इस मिशन का मुख्य मकसद चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचकर उस सतह के बारे में विस्तार से अध्ययन करना है।
रोवर का नाम 'प्रज्ञान' क्यों है?
मालूम हो कि वैज्ञानिकों ने चंद्रयान 2 की तरह इस बार भी रोवर का नाम 'प्रज्ञान' रखा है जिसके पीछे एक खास वजह है, आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से।
- 'प्रज्ञान' शब्द की उत्पत्ति संस्कृत भाषा के शब्द से हुई है। प्रज्ञान का मतलब होता है- बुद्धिमान या ज्ञानवान।
- 'प्रज्ञान' का वजन 27 किग्रा है और ये केवल सौर ऊर्जा से ही चलेगा।
- ये रोबोटिक व्हीकल है, जिसमें 6 पहिए जुड़े हुए हैं।
- 'प्रज्ञान' 500 मीटर चल सकता है और इसका कन्यूनिकेशन केवल लैंडर से हो ही सकता है।
- इस रोवर में 50 W इलेक्ट्रिक पावर जनरेट करने की शक्ति है।
- ये एक लूनर डे यानी कि एक चंद्र दिवस तक काम कर सकता है।
- मालूम हो कि आपको बता दें कि एक लूनर डे पृथ्वी के 14 दिनों के बराबर होता है।












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