चंद्रयान-2: ISRO चीफ के सिवन बोले, ऑर्बिटर ठीक , लैंडर विक्रम से नहीं हो सका कोई संपर्क नहीं
बेंगलुरु। इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (इसरो) के चीफ के सिवन ने चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम को लेकर बड़ा बयान दिया है। इसरो चीफ ने कहा है कि चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर बिल्कुल ठीक काम कर रहा है। अब एजेंसी का निशाना गगनयान मिशन है। इसरो चीफ की तरफ से पहली बार लैंडर पर कोई सूचना दी गई है। आपको बता दें कि सात सितंबर को लैंडर विक्रम को संपर्क इसरो के ग्राउंड स्टेशन से टूट गया था। इसके बाद से ही लैंडर से कोई संपर्क नहीं हो सका है। अब करीब 15 दिन के बाद लैंडर के साथ संपर्क की सारी उम्मीदें भी खत्म हो गई हैं।

ऑर्बिटर कर रहा अपना काम
इसरो चीफ के सिवन ने शनिवार को मीडिया को चंद्रयान-2 को लेकर अहम जानकारी दी। उन्होंने बताया, 'चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर ठीक काम कर रहा है। ऑर्बिटर में आठ उपकरण हैं और हर उपकरण हर वह काम कर रहाह है जो इसे करना था।' इसके बाद उन्होंने लैंडर विक्रम के बारे में कहा कि अभी तक एजेंसी संपर्क कायम करने में सफल नहीं हो सकी है।उनके शब्दों में, 'अब हमारी अगली प्राथमिकता गगनयान मिशन है।' इसरो की ओर से लैंडर विक्रम को लेकर कोई भीआधिकारिक बयान अभी तक नहीं दिया गया था और यह पहली बार है जब लैंडर को लेकर कोई आधिकारिक सूचना एजेंसी की तरफ से दी गई है।
लैंडर से अब नहीं हो सकेगा संपर्क
लैंडर विक्रम चांद की जिस सतह पर है वहां पर 21 सितंबर यानी आज सबसे ठंडी रात होगी। माना जा रहा है कि ठंडी रात के समय चांद के इस हिस्से का तापमान 200 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे चला जाता है। इसका मतलब यही है कि सात सितंबर को अगर क्रैश लैंडिंग के बाद भी लैंडर बच गया है तो अब उसके बचने की उम्मीदें न के बराबर होंगी। चांद पर इतने तापमान में विक्रम के सभी उपकरण पूरी तरह से जम जाएंगे। इसरो की तरफ से भले ही विक्रम की स्थिति पर कोई टिप्पणी न की गई हो लेकिन उसने संपर्क की कोशिशों को लेकर भी कोई बयान नहीं दिया है।












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