Chandrayaan 2: सोनिया गांधी ने इसरो के वैज्ञानिकों को दी बधाई, बोलींं- हमें आप पर गर्व है
नई दिल्ली। 'चंद्रयान-2' के लैंडर 'विक्रम' का चांद पर उतरने की प्रक्रिया के दौरान संपर्क टूट गया था। ये सपंर्क तब टूटा जब 'लैंडर विक्रम' चांद की सतह से महज 2.1 किलोमीटर की दूरी पर था। इसके साथ ही वैज्ञानिकों और देश के लोगों के चेहरे पर मायूसी छा गई। इस दौरान इसरो कंट्रोल सेंटर में मौजूद पीएम मोदी ने वैज्ञानिकों का हौसला बढ़ाया और कहा कि जीवन में उतर-चढ़ाव आते रहते हैं। वहीं, कांग्रेस की अतंरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी इसरो के वैज्ञानिकों को बधाई दी है और उनकी तारीफ की है।

मिशन चंद्रयान-2 को लेकर सोनिया गांधी ने इसरो को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इसरो ने 115 सफल अंतरिक्ष मिशन को अंजाम दिया है, हम इसरो और उनके वैज्ञानिकों के कर्जदार हैं। सोनिया गांधी ने कहा कि पूरे देश को इसरो के वैज्ञानिकों पर गर्व है, इसरो की पूरी टीम ने अद्भुत काम किया। सोनिया गांधी ने इसरो के वैज्ञानिकों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि एक दिन हम चांद पर जरूर पहुंचेंगे।
Recommended Video
जब लैंडर विक्रम से संपर्क टूटा तो इसरो कंट्रोल सेंटर सहित पूरे देश में मायूसी छा गई लेकिन तब पीएम मोदी ने वैज्ञानिकों का हौसला बढ़ाया। पीएम मोदी ने कहा कि हमारे हजारों वर्षों का इतिहास ऐसे उदाहरणों से भरा हुआ है जब शुरुआती रुकावटों के बावजूद हमने ऐतिहासिक सिद्धियां हासिल की हैं। खुद ISRO भी कभी न हार मानने वाली संस्कृति का जीता-जागता उदाहरण है। पीएम मोदी ने कहा कि अगर अपनी शुरुआती चुनौतियों, दिक्कतों से हम हार जाते तो आज इसरो दुनिया की अग्रणी स्पेस एजेंसियों में से एक भी स्थान नहीं ले पाता।
भारत का चंद्रयान-2 पिछले 43 दिनों से स्पेस में है। 3.8 टन वजनी यह यान फिलहाल की चंद्रमा की कक्षा में टक्कर लगा रहा है। एक महत्वपूर्ण पड़ाव के दौरान चंद्रयान के विक्रम लैंडर अलग कर दिया गया था। लेकिन चांद से महज 2.1 किमी दूर लैंडर का संपर्क टूट गया। लैंडिंग से 2.1 किमी पहले लैंडर विक्रम अपने निर्धारित पथ से भटक गया था और उससे संपर्क टूट गया था।












Click it and Unblock the Notifications