केंद्र ने BMC के डोर टू डोर वैक्सीनेशन के रिक्वेस्ट भेजे जाने की बात को नकारा
मुंबई। मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में डोर टू डोर कोरोना वायरस टीकाकरण के अनुरोध को मंगलवार को केंद्र सरकार ने नकार दिया है। केंद्र सरकार का कहना है कि महाराष्ट्र सरकार या फिर बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) की तरफ से कोई आवेदन नहीं आया है। आपको बता दें कि ऐसी चर्चा थी कि बीएमसी ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि बुजुर्गों के लिए डोर-टू-डोर टीकाकरण करने की अनुमति दी जाए और अलग-अलग लोगों को भी ऐसी सुविधा दी जाए जो लंबी दूरी तक जाने और यात्रा करने में असमर्थ हैं।

मंगलवार को यूनियन हेल्थ सचिव राजेश भूषण ने कहा कि आज तक, हमें महाराष्ट्र सरकार से डोर-टू-डोर टीकाकरण का संचालन करने के लिए कोई विशेष अनुरोध नहीं मिला है। भूषण ने कहा कि भारत में यूनिवर्सल इम्यूनिजेशन है लेकिन इसके बावजूद डोर-टू-डोर वैक्सीनेशन नहीं होता है। भूषण ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने इसके लिए कोई विशेष अनुरोध अभी तक नहीं किया है। बता दें कि देश भर में सबसे अधिक कोरोना के चलते महाराष्ट्र में स्थिति खराब है। 28 मार्च की रिपोर्ट में, मुंबई मिरर ने बताया कि केंद्र ने "दुर्बल वरिष्ठ नागरिकों, नेत्रहीनों और शारीरिक विकलांग लोगों के लिए डोर-टू-डोर टीकाकरण की अनुमति देने के बीएमसी के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया है"।
वहीं रिपोर्ट में ये भी कहा गया कि बीएमसी के अतिरिक्त नगर आयुक्त (स्वास्थ्य) सुरेश काकानी ने कहा कि मुंबई में लगभग 1.5 लाख लोग हैं जो वृद्ध और विकलांग हैं या विकलांग हैं और टीकाकरण के लिए अपने घर से बाहर नहीं जा सकते। हमने केंद्र को लिखा था कि हमें उन्हें टीका लगाने के लिए उनसे मिलने की अनुमति दें, लेकिन केंद्रीय अधिकारियों ने बताया हमारे पास ऐसी कोई नीति नहीं है। यह वास्तव में उन लोगों की मदद करेगा जो अपने घरों तक सीमित हैं।












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