लॉकडाउन उल्लघंन पर सख्त हुई केंद्र सरकार, रात के कर्फ्यू को कड़ा करने के दिए निर्देश
Central government tightens on lockdown violation, instructions to tighten the night curfew
नई दिल्ली। गृह मंत्रालय राज्यों के साथ मिलकर लॉकडाउन-4 के क्रियान्वयन की निगरानी कर रहा है। 31 मई तक जारी लॉकडाउन के इस चरण में सीमित सार्वजनिक कायों को ही प्रतिबंधित रखा गया है। गृह मंत्रालय ने को राज्यों के विभिन्न स्थानों पर दिए गए दिशानिर्देशो का कड़ाई से पालन हो इसके राज्यों को सभी जरुरी उपाय करने के निर्देश दिए हें। गृह मंत्रालय ने अपने निर्देश में ये भी कहा हैं कि स्थानीय अधिकारियों को दिशानिर्देश लागू करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने चाहिए।


इसमें राज्यों को कई अधिकार दिए गए हैं जिसके तहत राज्य स्थानीय परिस्थितियों के हिसाब से प्रतिबंध संबंधी निर्णय स्वयं ले सकेंगे। जिसके बाद यूपी, दिल्ली, कर्नाटक, पंजाब समेत सभी राज्यों की सरकारों ने अपने राज्य की स्थिति को देखते हुए छूट प्रदान की हैं। ऐसे में पाया जा रही हैं कि कई राज्यों में गृह मंत्रालय द्वारा दिए गए दिशानिर्देश का पालन नहीं हो रहा हैं। इसी के मद्देनजर अब सरकार ने राज्यों को इन नियमों का का कड़ाई से पालन करवाने के लिए कहा हैं।
लॉकडाउन में गृहमंत्रालय द्वारा जारी किए गए दिशानिर्देश के अनुसार
रात्रि सात बजे से सुबह सात बजे तक कफ्यू लागू रहेगा
गैर-जरूरी सेवाओं को चालू नहीं किया जाएगा
सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनना अनिवार्य होगा।
सार्वजनिक और कार्यस्थलों पर थूकना स्थानीय अधिकारियों, राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों के नियमों और विनियमों के अनुसार दंडनीय होगा।
बाजार, कार्यस्थल, सार्वजनिक परिवहन और विवाह आदि जैसे समारोहों सहित सार्वजनिक स्थानों पर सामाजिक दूरी का ध्यान रखना होगा।
विवाह कार्यक्रमों में 50 से ज्यादा अतिथियों की अनुमति नहीं है।
अंतिम संस्कार में 20 से ज्यादा लोग शामिल नहीं हो सकते हैं।
सार्वजनिक स्थानों पर शराब, गुटखा, पान मसाला, तंबाकू का सेवन करने की अनुमति नहीं है।
दुकानें ग्राहकों के बीच न्यूनतम छह फीट की दूरी सुनिश्चित करेंगी और दुकान के अंदर एक समय में पांच से अधिक लोगों को जाने की अनुमति नहीं होगी।
सभी प्रवेश और निकास बिंदुओं और सामान्य क्षेत्रों में थर्मल स्कैनिंग, हैंडवॉश और सैनिटाइटर का प्रावधान करना होगा।
झूठी सूचना या चेतावनी देना, आपदा, इसकी गंभीरता या परिणाम के रूप में चेतावनी देना या दहशत फैलाने का दोषी पाए जाने पर एक साल तक का कारावास या जुर्माना लगाया जाएगा।
केंद्र सरकार या राज्य सरकार या किसी भी अधिकृत कर्मचारी के काम में बाधा डालना दंडनीय अपराध होगा।












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