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राजीव गांधी के हत्यारों को छोड़ा नहीं जा सकता है- केंद्र सरकार

By Ankur Singh
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    नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के हत्यारों को रिहा किए जाने की के तमिलनाडु सरकार के फैसले का केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में विरोध किया है। सरकार की ओर से एफिडेविट दाखिल कर कहा गया है कि पूर्व प्रधानमंत्री के हत्यारों को रिहा नहीं किया जा सकता है, खुद देश के राष्ट्रपति ने भी हत्या के दोषियों को रिहा करने से इनकार कर दिया है। केंद्र सरकार की ओर से यह एफिडेविट सुप्रीम कोर्ट द्वारा 2016 में पूछे गए सवाल के जवाब में दायर किया गया है।

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    सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा था कि कि 2016 में तमिलनाडु सरकार ने राजीव गांधी के सभी सातों दोषियों को रिहा किए जाने का फैसला दिया है, इसपर सरकार का क्या रुख है। जिसके जवाब में केंद्र सरकार की ओर से जवाब दाखिल करके कहा गया है कि सातों दोषियों को रिहा नहीं किया जा सकता है। आपको बता दें कि ये सभी आरोपी उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। तमिलनाडु सरकार के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी, जिसके बाद कोर्ट ने इस मसले पर केंद्र सरकार से उसकी राय मांगी थी।

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    गौरतलब है कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 21 मई 1991 को हत्या कर दी गई थी। राजीव गांधी की हत्या उनकी मां इंदिरा गांधी की हत्या के सात साल बाद की गई थी। राजीव गांधी की हत्या आत्मघाती बम धमाके के जरिए तमिलनाडु के श्रीपेरुंबुदूर में हुई थी। जांच में यह बात निकलकर सामने आई थी कि श्रीलंका के आतंकी गुट लिट्टे का इस हत्या के पीछे हाथ था।

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    English summary
    Central government says to SC assassins of Rajiv Gandhi can not be releases. Court had asked gov opinion.

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