कैश-फॉर-क्वेरी केस: महुआ मोइत्रा को फिलहाल SC से नहीं मिली राहत, अगली सुनवाई 3 जनवरी को
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कैश-फॉर-क्वेरी मामले में लोकसभा से निष्कासन को चुनौती देने वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की नेता महुआ मोइत्रा की याचिका पर सुनवाई को आगे बढ़ा दिया है। अब 3 जनवरी को सुनवाई होगी।
महुआ मोइत्रा के मामले को देख रही बेंच का नेतृत्व कर रहे जस्टिस संजय खन्ना ने कहा कि उन्हें निष्कासित टीएमसी नेता की फाइल देखने का मौका नहीं मिला। जिसके चलते इस मामले की सुनवाई को अगले साल 3 जनवरी तक के लिए टाल दिया।

जस्टिस संजय खन्ना ने सुनवाई स्थगित करने से पहले कहा, "मेरे पास फाइल पढ़ने का समय नहीं है। सुनवाई 3 जनवरी को होगी। सुनवाई की तारीख आगे बढ़ाने जाने के चलते मोइत्रा संसद के शेष शीतकालीन सत्र में भाग नहीं ले पाएंगी, जो 22 दिसंबर को समाप्त होगा।
पीठ ने मोइत्रा की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी को बताया कि 'मुझे सुबह ही फाइल मिली, उस पर नजर डालने का समय नहीं मिला। क्या हम इसे 3 या 4 जनवरी को रख सकते हैं? मैं इस पर गौर करना चाहता हूं। पीठ सर्दियों की छुट्टियों के बाद इस पर सुनवाई करना चाहती है जो 3 जनवरी को समाप्त होंगी।
सुप्रीम कोर्ट की इस पीठ का नेतृत्व न्यायमूर्ति खन्ना कर रहे हैं और इसमें न्यायमूर्ति एसवीएन भट्टी शामिल हैं। लोकसभा में आचार समिति की रिपोर्ट को मंजूर किए जाने के बाद बीते सोमवार को टीएमसी नेता को सदन से निष्कासितकर दिया गया। इसके विरोध में मोइत्रा ने शीर्ष अदालत का रुख किया है।
टीएमसी नेता को उनके खिलाफ लगाए गए कैश-फॉर-क्वेरी आरोपों पर लोकसभा आचार समिति द्वारा पेश की गई एक रिपोर्ट के आधार पर 8 दिसंबर को निष्कासित कर दिया गया था। उन पर व्यवसायी दर्शन हीरानंदानी के साथ अपने संसद लॉगिन क्रेडेंशियल साझा करने और सदन में प्रश्न पूछने के लिए उनसे रिश्वत लेने का भी आरोप लगाया गया है।
संसद से निष्कासित किए जाने के बाद महुआ ने कहा था कि, 'मैं 49 साल की हूं और अगले 30 सालों तक मैं आपसे संसद के अंदर और बाहर, गटर में और सड़कों पर लड़ूंगी... हम आपका अंत देखेंगे... यह आपके अंत की शुरुआत है... हम वापस आएंगे और आपका अंत देखेंगे।'












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