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निकाले जा रहे फिक्स्ड डिपॉजिट, बंद करा रहे अकाउंट, एटीएम के बाहर लंबी कतारें, दो राज्‍यों में मची है अफरा-तफरी

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हैदराबाद। साल 2016 में जब सरकार ने नोटबंदी की थी उस वक्त के हालात आपको याद होंगे। बैंकों और एटीएम के बाहर लोगों की लंबी लाइनें लग गई थीं। एटीएम खाली हो गए थे। वहीं स्थिति एक बार फिर से देखने को मिल रहे है। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के एटीएम और बैंकों के बाहर लोगों की लंबी लाइनें लगने लगी हैं। लोग कैश के लिए घंटों लाइन लगाकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। दरअसल आंध्रप्रदेश और तेलंगाना के एटीएम कैशलेस हो गए हैं। इन दोनों राज्यों के एटीएम कैश की भारी किल्लत से जूझ रहे हैं। हालात ये है कि बैंकों को पड़ोसी राज्यों से कैश मंगवाना पड़ रहा है।

 कैशलेस हुए एटीएम

कैशलेस हुए एटीएम

आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के एटीएम कैश की भारी किल्लत से जूझ रहे हैं। बैंकों के पास कैश की इतनी किल्लत हो गई कि एटीएम में कैश भरने के लिए उन्हें पड़ोसी राज्यों के बैंकों से कैश मंगवाना पड़ रहा है। तेलंगाना के बैंक महाराष्ट्र और केरल से कैश मंगवाकर अपनी जरूरत को पूरा कर रहे है, फिर भी वो लोगों की जरूरत को पूरा नहीं कर पा रहे है। जबकि आंध्र प्रदेश के बैंकों को ओडिशा और तमिलनाडु से कैश मंगवाना पड़ रहा है। बैंकों की ये कोशिश भी लोगों की मुश्किल को खत्म नहीं कर पा रही है। आरबीआई ने सितंबर 2017 के बाद से इन राज्यों में 2000 के नोटों की सप्लाई नहीं की है। बैंकर्स के मुताबिक राज्य के एटीएम में कैश की उपलब्धता सिर्फ 60 फीसदी है।

 बैंकों ने बंद किए एटीएम

बैंकों ने बंद किए एटीएम

आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कई बैंकों ने अपने एटीएम को पछले तीन महीनों से बंद कर रखा है। कैश की किल्लत की वजह से बैंकों ने एटीएम को बंद कर दिया है। वहीं कुछ बड़े बैंकों के एटीएम में अभी कैश मिल रहे हैं, लेकिन वहां भी सिर्फ 60 फीसदी कैश उपलब्ध है। कैश की कमी के चलते लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पेंशनर्स की परेशानी और भी ज्यादा है। दोनों राज्यों में 2000 के नोटों की भी भारी किल्लत है। तेलंगाना में 2200 एटीएम है, लेकिन वर्तमान में सिर्फ 1400 एटीएम काम कर रहे है।

बैंकों से उठा भरोसा

बैंकों से उठा भरोसा

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बैंकरों क कहना है कि पहले लोग सैलरी आने के बाद महीने के पहले हफ्ते में 5000 से 10000 रुपए ही निकालते थे, लेकिन अब महीने की शुरुआत में सैलरी आते ही लोग पूरा-पूरा वेतन निकालकर कैश घर में रख रहे है। इसकी वजह से महीना खत्म होते-होते एटीएम कैश की किल्लत से जूझने लगता है। लोगों बैंक में डिपॉजिट भी नहीं करते, जिसकी वजह से लोगों के पास कैश की किल्लत हो रही है।इतना ही नहीं लोग अपनी एफडी निकाल रहे है। सेविंग अकाउंट से पैसे खाली कर रहे है। लोगों का कहना है कि पीएनबी स्कैम, एपआरडीआई बिल जैसी योजनाओं के बाद उनका बैंकिंग सिस्टम से भरोसा उठ गया है।

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English summary
The worsening cash crunch in Telangana and Andhra Pradesh has forced banks to move cash from neighbouring states over the past two months to replenish ATMs and disburse money to customers waiting in snaking queues at their branches.
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