क्या चेचक का टीका मंकीपॉक्स को रोकने में है असरदार ? जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स
नई दिल्ली। कोरोना महामारी के बाद अब मंकीपॉक्स के बढ़ते मामलों ने दुनियाभर के देशों की चिंताएं बढ़ा दी है। भारत में भी मंकीपॉक्स के मामले की पुष्टी हो गई है, जिसके बाद से भारत में भी इसे लेकर चिंताएं बढ़ गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक दुनियाभर के 71 देशों में इस बीमारी ने पैर पसार लिए हैं। दुनियाभर में इसके 8000 से ज्यादा केस सामने आ चुके हैं। चूंकी मंकीपॉक्स की बीमारी का कोई निर्धारित इलाज नहीं है. ऐसे में इस बीमारी को लेकर गंभीरता और बढ़ जाती है। इस वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए डब्लूएचओ भी इसे लेकर गंभीर है।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि जिस रफ्तार से मंकीपॉक्स के मामले बढ़ रहे हैं, अगर वो ऐसे ही जारी रहा तो इसके लिए भी वैक्सीन की जरूरत होगी। WHO के मुख्य डॉ. टेड्रोस अदनोम घेब्रेयसस ने कहा कि अगर सही तरह से इस बीमारी को मैनेज किया जाए तो इसे कंट्रोल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मंकीपॉक्स के अधिकांश मामले सेम सेक्स के केसों में देखने को मिला है। वहीं वर्ल्ड हेल्थ बॉडी का कहना है कि स्मॉलपॉक्स यानी चेचक की बीमारी में इस्तेमाल होने वाला टीका इसके लिए कारगर साबित हो सकता है। इस बीच अमेरिका की फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन ने मंकीपॉक्स को कंट्रोल करने के लिए दो वैक्सीन की उपलब्धता कराई है। JYNNEOS और ACAM2000 वैक्सीन इसकी रोकथाम में कारगर साबित हो सकती है।
कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि चूंकी मंकीपॉक्स स्मॉलपॉक्स फैमिली के वायरल से ही है, ऐसे में चेचक यानी स्मॉलपॉक्स के टीके से इसका बचाव किया जा सकता है। हालांकि अभी तक इसे लेकर कोई प्रमाण नहीं मिले हैं।












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