नशे में चूर पंजाब सरकार क्या लड़ेगी आतंकवाद से
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) 2008 में मुम्बई अटैक के बाद जम्मू कश्मीर के बाहर यह पहला बड़ा आतंकी हमला है जो गुरुदासपुर में हुआ है। अभी जाँच होनी है पर माना जा रहा है कि ये भी पाकिस्तानी ही हैं इस आतंकवाद को नाम चाहे कुछ दिया जाए मगर पंजाब में आतंकवाद की परछायीं काफी पहले से दीख रही थी।
अफीम खाई सरकार
यकीनन इसे पाकिस्तान हवा दे रहा था पर पंजाब की अकाली-भाजपा सरकार जिस तरह से अफीम खाकर सोई थी उससे यह तो लगता ही था कि पंजाब जिस आग के करीब पर बैठा है वह फटेगा जरूर।
अफीम बेचने में बिजी
सरकार और विपक्ष के नेता अफीम की खेती करवाकर मलाई काटने में व्यस्त हैं और उनके रिश्तेदार अफीम बेचने में मशगूल हैं। किसे नहीं पता कि अफीम तथा नशे का कारोबार चल रहा है।
'आतंकी राज्य से नहीं सीमा पार से आये, अगर अलर्ट था तो सीमा को सील क्यों नहीं किया'
सारे सीमाई जिलों में अफीम और अन्य नशे के पदार्थ उधर से इधर आ रहे हैं पर सब चुप साध कर बैठे थे। कब नशे के बहाने आतंकी आने लगें इस पर कभी सोचा ही नहीं गया और लो आ गए। अब तो पंजाब में कोई बेअंत सिंह भी नहीं है।
हालांकि जानकार कहते हैं कि अफीम की खेती अगर आतंकवाद को बढ़ावा देती है तो मध्यप्रदेश और राजस्थान अभी तक अफगानिस्तान बन चुके होते। बहरहाल, ये देश को देखना होगा कि पंजाब फिर से आतंकवाद की आग में ना झुलसे।













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