'भूमिपुत्र हूं मैं...आप देश को लूट रहे और मुझे देशद्रोही बोल रहे हैं', संसद में इस बात पर भड़के खड़गे
मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में कहा कि देश में हर मुद्दे को सांप्रदायिक रंग दिया गया है। 2014 में पीएम मोदी ने कहा था कि न खाऊंगा न खाने दूंगा। अब मैं पूछना चाहता हूं कि वह कुछ उद्योगपतियों को 'खाने' क्यों दे रहे हैं?

Parliament Budget Session: संसद का बजट सत्र चल रहा है। अडानी-हिंडनबर्ग मामले पर दोनों सदनों में हंगामा जारी है। विपक्ष लगातार केंद्र सरकार को अडानी मामले में घेरने में जुटा हुआ है। साथ ही अडानी केस में जेपीसी जांच की मांग पर अड़ा हुआ है। इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की 'नफरत की राजनीति' वाली टिप्पणी पर राज्यसभा में हाई वोल्टेज ड्रामा हो गया। खड़गे ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूछा कि देश में नफरत फैलाने वालों पर वह चुप क्यों हैं?
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस के दौरान विपक्ष के नेता राज्यसभा मल्लिकार्जुन खड़गे ने जैसे ही 'मौनी बाबा' शब्द का इस्तेमाल किया, सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा, "आप बहुत वरिष्ठ सदस्य हैं, सर। यह आपको शोभा नहीं देता। इन रसदार अभिव्यक्तियों का उपयोग न करें।" मल्लिकार्जुन खड़गे की इस टिप्पणी के बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया।
कांग्रेस चीफ मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार को राज्यसभा में अपने भाषण में कहा कि देश में हर मुद्दे को सांप्रदायिक रंग दिया गया है। 2014 में पीएम मोदी ने कहा था कि न खाऊंगा न खाने दूंगा। अब मैं पूछना चाहता हूं कि वह कुछ उद्योगपतियों को 'खाने' क्यों दे रहे हैं? पीएम मोदी के सबसे करीबी दोस्तों में से एक व्यक्ति जिसकी संपत्ति ढ़ाई साल में 13 गुना बढ़ गई। 2014 में 50,000 करोड़ की थी वह 2019 में एक लाख करोड़ की हो गई। अचानक ऐसा क्या जादू हुआ कि 12 लाख करोड़ बढ़ गई। हिंडनबर्ग की रिपोर्ट तो है ही जिसे वे (BJP) नहीं मानते हैं।
खड़गे के इस बयान से बाद पीयूष गोयल ने कहा कि वे विदेश रिपोर्टों (हिंडनबर्ग रिपोर्ट) पर बातें कर रहे हैं, यह तो कांग्रेस का तारीका है। मैं स्पष्ट कहता हूं कि इनके खुद के नेता जिनके कहने के बगैर ये कुछ नहीं करते हैं। उनकी संपत्ति ही देखें कि 2014 में इनके नेता की कितनी संपत्ति थी और आज कितनी है। वहीं इससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह कहना बहुत चालाकी है कि हम डेटा दे रहे हैं, हम इसकी पुष्टि करेंगे। लेकिन यह पूरी तरह से पीएम मोदी के खिलाफ आक्षेप से भरा हुआ है और हम इसी पर आपत्ति जता रहे हैं। वे खुले तौर पर पीएम पर आरोप लगा रहे हैं।
जेपीसी की मांग पर क्या बोले पीयूष गोयल
खड़गे ने सदन में कहा कि हम चाहते हैं कि संयुक्त संसदीय समिति (JPC) बिठाई जाए और इस (अडानी मामले) की जांच हो, जिस पर सांसद पीयूष गोयल ने कहा कि संयुक्त संसदीय समिति (JPC) तब बैठती है जब आरोप सिद्ध हो जाए। जब सरकार पर आरोप लगता है तब संयुक्त संसदीय समिति बिठाई जाती है किसी निजी व्यक्ति के मुद्दे पर नहीं।
खड़गे बोले- मैं भूमि-पुत्र हूं
वहीं सदन में हंगामे के बीच मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि अगर मैं सच बोलता हूं, तो क्या यह राष्ट्र-विरोधी है? मैं देशद्रोही नहीं हूं। मैं यहां किसी से भी ज्यादा देशभक्त हूं। मैं 'भूमि-पुत्र' हूं... आप देश को लूट रहे हैं और मुझे बता रहे हैं कि मैं राष्ट्र-विरोधी हूं।
खड़गे ने उठाया दलितों का मुद्दा
राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खड़गे ने दलितों का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति को तो हम हिंदू समझते हैं ना तब उन्हें मंदिर जाने से क्यों रोकते हैं अगर समझते हैं तो उन्हें बराबरी का स्थान क्यों नहीं देते। कई मंत्री दिखावे के लिए उनके घर जाकर खाना खाते हैं और तस्वीर खींचवा कर बताते हैं कि हमने उनके घर खाना खाया है। कई सासंद-मंत्री सिर्फ हिंदू मुस्लिम करते हैं, क्या बात करने के लिए कोई और मुद्दा नहीं है। दूसरी तरफ कोई अनुसूचित जाति के लोग मंदिर जाते हैं तो उन्हें मारते हैं, उनकी सुनवाई नहीं होती है।












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