Budget 2025: नौकरियों को लेकर मोदी सरकार का क्‍या है प्‍लॉन? क्‍या वित्‍त मंत्री करने वाली हैं बड़े ऐलान

Budget 2025: केंद्र सरकार फरवरी महीने में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अपना बजट पेश करने की तैयारी कर रही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को अपना आठवां बजट पेश करने वाली है। मोदी 3.0 सरकार का ये दूसरी बजट होगा। इस बजट से देश के हर वर्ग की बड़ी उम्‍मीदें जुड़ी हुई है। बेराजगारी से परेशान युवाओं को इस बजट में बड़ी राहत मिलने की उम्‍मीद है।

चालू वित्‍तीय वर्ष में विकास की धीमी गति का अनुमान है ये बीते चार वर्षों में सबसे कम 6.4 प्रतिशत आंकी गई है। सरकार कथित तौर पर निर्यात वृद्धि के लिए छह प्रमुख क्षेत्रों को लक्षित कर सकती। इन छह सेक्‍टर्स में निर्यात को बढ़ावा देकर रोजगार में बढ़ोत्‍तरी करने का अहम फैसला ले सकती है। जिसके बाद रोजगार के अवसर ही अवसर होंगे।

Budget 2025

इन छह सेक्‍टर्स में होगी नौकरियों की बरसात!

मोदी सरकार आगामी बजट में सरकार जिन छह सेक्‍टर के लिए बड़ी घोषणाएं कर सकती है। ये सेक्‍टर कृषि और संबंधित उत्पाद, इंजीनियरिंग उत्पाद, फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स, रसायन और प्लास्टिक, चमड़ा और अपैरल से संबधित क्षेत्र है। ये सभी सेक्‍टर रोजगार परक सेक्‍टर है। सरकार इन सेक्‍टर्स में निर्यात को बढ़ावा देकर रोजगार में वृद्धि को बढ़ावा दे सकती है।

अमेरिका में भारतीय निर्यात को बढ़ावा

याद रहे संयुक्त राज्य अमेरिका ने चीनी वस्तुओं पर 10 प्रतिशत आयात शुल्क लगा दिया है भारत सरकार इस अवसर का लाभ उठाने के लिए तैयार है। भारत सरकार अमेरिका में भारतीय निर्यात का बाजार हिस्सा बढ़ाना चाहती है।

ट्रम्प प्रशासन द्वारा चीनी आयात पर शुल्क लगाए जाने के बाद भारतीय इलेक्ट्रॉनिक सामान और जेनेरिक दवाओं की अमेरिका में मांग बढ़ने के साथ, इन क्षेत्रों में निर्यात को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन दिए जाने की संभावना है। वाणिज्य विभाग ने प्रत्येक बाजार की अनूठी विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए लक्षित निर्यात प्रोत्साहन के लिए अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, जर्मनी, जापान और यूएई सहित 20 देशों की पहचान की है।

इजीनियरिंग सेक्‍टर

सरकार निर्यात वृद्धि को फिर से बढ़ावा देना चाहती है। खासतौर पर इंजीनियरिंग क्षेत्र, जो भारतीय निर्यात का सबसे बड़ा हिस्सा है और एक प्रमुख नियोक्ता है, मुख्य रूप से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) से बना है, इसलिए आगे के विकास के लिए विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

जैविक खाद्य उत्पादन

सूत्रों के अनुसार बजट में जैविक खाद्य उत्पादन और निर्यात के विकास को प्रोत्साहित करने के लिए वित्तीय सहायता की घोषणा की जा सकती है। जिसका उद्देश कृषि और संबंधित वस्तुओं के निर्यात को बढ़ावा देना और रोजगार के अवसरों को बढ़ाना होगा है।

चमड़ा सेक्‍टर

चमड़ा जैसे क्षेत्रों में पर्याप्त रोजगार सृजन क्षमता है इसे बावजूद उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना या इसी तरह के कार्यक्रमों से लाभान्वित नहीं हुआ है।

इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मा सेक्टर

इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मा सेक्टर में पीएलआई योजना में शामिल होने के बाद निर्यात और नए निवेश में लगातार वृद्धि देखी गई है, जिससे रोजगार सृजन हुआ है। हालांकि, निर्यात वृद्धि के लिए अभी भी अप्रयुक्त संभावनाएं हैं। इसलिए, सरकार कच्चे माल के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए क्षेत्र से संबंधित वस्तुओं के लिए आयात शुल्क में समायोजन कर सकती है।

निर्यात बढ़ाकर रोजगार और अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन

आर्थिक विकास को बढ़ाने की सरकार की रणनीति में आम आदमी को राहत प्रदान करना और इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में लक्षित समर्थन के माध्यम से अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करना शामिल है। वित्तीय वर्ष 2013-14 में भारतीय वस्तुओं का निर्यात 312 बिलियन डॉलर था, जो 2022-23 तक बढ़कर 450 बिलियन डॉलर हो जाएगा।

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