Budget 2025: ट्रेनों के हर टिकट पर किराए में मिलती है कितनी छूट? भारतीय रेलवे के ये आंकड़े चौंका देंगे

Budget 2025: कुछ साल पहले तक भारत में रेलवे बजट अलग से आम बजट से भी पहले पेश किया जाता था। 2017 में वित्त वर्ष 2017-18 के बजट से इसे केंद्रीय बजट में शामिल कर लिया गया, तब दिवंगत बीजेपी नेता अरुण जेटली वित्त मंत्री थे। इस तरह यह 9वीं बार है, जब रेल बजट को आम बजट के हिस्से के रूप में पेश किया जाएगा। तथ्य यह है कि भारत सरकार रेलवे का जो बजट पेश करती है, उसमें एक बड़ा हिस्सा यात्री किराए में सब्सिडी के लिए होता है।

मोदी सरकार ने अपने पहले कार्यकाल में ही रेल बजट को अलग से पेश करके 1924 से चली आ रही 92 साल पुरानी परंपरा खत्म की थी। रेलवे बजट को केंद्रीय बजट के साथ मिलाने का यह फैसला नीति आयोग की एक समिति की सिफारिश पर लिया गया, जिसने सरकार की वित्तीय स्थिति की एक समग्र तस्वीर पेश करने के लिए इसकी पैरवी की थी।

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Budget 2025: चालू वित्त वर्ष में टूटा एक दिन में सफर करने वाले रेल यात्रियों का रिकॉर्ड, 3 करोड़ के पार

भारतीय रेलवे देश की सबसे बड़ी पब्लिक ट्रांसपोर्ट है। पिछले साल (2024) 4 नवंबर को भारतीय रेलवे ने पैसेंजर यात्रा का सारा रिकॉर्ड तोड़ दिया और एक दिन में 3 करोड़ से ज्यादा यात्रियों ने देश भर में ट्रेनों से यात्रा की।

पिछले साल संसद में जो इकोनॉमिक सर्वे पेश किया गया था, उसके अनुसार साल 2023-24 में देश में कुल 673 करोड़ यात्रियों ने रेल यात्रा की, जो कि उससे पिछले वित्त वर्ष से 5.2% अधिक है।

Indian Railways Ticket Discounts in Hindi : रेलवे के यात्री किरायों पर सरकार देती है मोटी सब्सिडी

भारत एक कल्याणकारी देश है; इस वजह से वह रेलवे के संचालन पर होने वाला सारा भार यात्रियों पर नहीं डालता, बल्कि इसके लिए सरकार सब्सिडी मुहैया करवाती है।

यह सब्सिडी मूलरूप से यात्री टिकटों पर दी जाती है। खासकर के वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, छात्रों और बीमार यात्रियों को उनकी यात्रा टिकटों में ज्यादा रियायत प्रदान की जाती है। इसका मकसद यह है कि गैर-प्रीमियम ट्रेनों में ट्रेनों के संचालन की असल लागत के मुकाबले जरूरतमंद यात्रियों पर टिकट किराए का ज्यादा भार न पड़े।

How to get 50 percent off on a train ticket? एक टिकट पर किराए में अनुमानित 46% की मिलती है छूट

पिछले साल संसद के शीतकालीन सत्र (दिसंबर 2024) में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया था कि भारतीय रेलवे 56,993 करोड़ रुपए की वार्षिक सब्सिडी देती है। अगर इसे प्रति टिकट के हिसाब से आकलन करें तो प्रति टिकट सरकार 46% की छूट मुहैया करवाती है।

इसे यूं समझ सकते हैं कि अगर टिकट की कीमत 100 रुपए है, तो भारतीय रेलवे यात्रियों से मात्र 54 रुपए ही लेता है, बाकी के 46 रुपए सरकार देती है। सरकार यह छूट देश के सबसे बड़े परिवहन माध्यम को आम लोगों की पहुंच में बनाए रखने के लिए देती है।

Train ticket discount: किन श्रेणियों और किन वर्गों को रेलवे के किराए में मिलती है छूट?

1) साधारण दर्जे के टिकटों पर सब्सिडी की बहुत बड़ी रकम खर्च होती है, क्योंकि इसकी कीमत रेलवे के संचालन लागत से बहुत कम होता है।

2) 60 साल से ऊपर के वरिष्ठ नागरिकों को गैर-प्रीमियम ट्रेनों में 40% की रियायत मिलती है। 58 साल से ऊपर की महिलाओं को यह रियायत 50% दी जाती है।

3) स्टूडेंट्स को भी सीजनल टिकट पर घर से शिक्षण संस्थानों तक आने-जाने के लिए किराए में छूट दी जाती है।

4) दिव्यांगजनों को यात्री किराए में उनकी शारीरिक स्थिति के अनुसार 50% से लेकर 75% तक की रियायत दी जाती है और यह रियायत उनके साथ चलने वाले एक अटेंडेंट को भी उपलब्ध करवाई जाती है।

5) कुछ गंभीर बीमारियों में पीड़ित व्यक्ति और उनके एक अटेंडेंट को भी यात्री किराए में छूट दिए जाने की व्यवस्था है।

इसे भी पढ़ें- Budget 2025: केंद्रीय बजट में Taxpayers को राहत मिलने की क्यों बढ़ गई है उम्मीद?

6) इनके अलावा शहीद की विधवाओं, मान्यता प्राप्त पत्रकारों और रेलवे के कर्मचारियों को भी अलग-अलग श्रेणी में यात्री किराए में छूट की व्यवस्था है।

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