Budget 2022: राज्य सरकार के कर्मचारियों को तोहफा, NPS योगदान में टैक्स छूट 10% से 14% हुआ
नई दिल्ली, 1 फरवरी: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2022-23 के बजट में आयकर के स्लैब में तो कोई बदलाव नहीं किया है, जिसे खासकर वेतनभोगियों को बहुत बड़ा झटका लगा है। लेकिन, राज्य सरकारों के कर्मचारियों को थोड़ी राहत जरूर दी गई है। अब राज्य सरकारों के कर्मचारी नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) के तहत अपने नियोक्ताओं यानी संबंधित राज्य सरकारों की ओर से दिए गए योगदान में टैक्स में 14% छूट का दावा कर सकते हैं। इस तरह से राज्य सरकार के कर्मचारी भी अब इस मामले में केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बराबर की श्रेणी में आ गए हैं।
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एनपीएस योगदान में टैक्स छूट 10% से 14% हुआ
इस समय सिर्फ केंद्र सरकार के कर्मचारी उनकी ओर से नियोक्ता के द्वारा दिए गए एनपीएस योगदान की एवज में 14% टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं। निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए इस मद में छूट की सीमा 10% ही निर्धारित है। अब राज्य सरकार के कर्मचारी भी इस मद में 14% टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं, जो उनके लिए वित्त मंत्री की ओर से तोहफे की तरह है।
गौरतलब है कि इनकम टैक्स ऐक्ट, 1961 के तहत नेशनल पेंशन सिस्टम के तहत तीन तरह के टैक्स लाभ दिए जाने की व्यवस्था है। एक वित्त वर्ष में एनपीएस के तहत 1.5 लाख रुपये तक निवेश में सेक्शन 80सीसीडी(1) के तहत आयकर छूट का प्रावधान है। यह कटौती सेक्शन 80सी के तहत मिली छूट के दायरे में ही आती है। हालांकि, एनपीएस के तहत सेक्शन 80सी के ऊपर भी अतिरिक्त कटौती का लाभ मिल सकता है।
यह अतिरिक्त कटौती सेक्शन 80सीसीडी(1बी) के तहत उपलब्ध है, जो 50,000 रुपये तक हो सकती है। यानी एक करदाता एनपीएस के टियर 1 अकाउंट में निवेश करके 50,000 रुपये तक अतिरिक्त छूट का दावा कर सकता है। इस तरह से एक वित्त वर्ष में एक कर दाता एनपीएस में निवेश करके कुल 2 लाख रुपये तक आयकर में छूट पा सकता है। आयकर में 2 लाख रुपये तक की इस छूट की यह सुविधा सिर्फ पुराने टैक्स व्यवस्था को अपनाने वालों लोगों को ही मिलती है।












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