अब ब्रिटिशी शख्स पकड़ाया, जगन्नाथ मंदिर में गैर हिन्दुओं के प्रवेश पर रोक, फिर भी एक महीने में हुई तीसरी घटना
ओडिशा के पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर से रविवार को एक ब्रिटिश नागरिक को हिरासत में लिया है। ब्रिटिश नागरिक पर जगन्नाथ मंदिर में प्रवेश करने और मंदिर के अंदर तैनात पुलिसकर्मियों पर हमला करने का आरोप है।
जानकारी के मुताबिक 30 वर्षीय ब्रिटिश नागरिक अपने चेहरे को ढककर मंदिर में घुस गया था। विदेशी पर्यटक की पहचान लंदन के वंड्सवर्थ के थॉमस क्रेग शेल्डन के रूप में हुई है। आपको बता दें कि जगन्नाथ मंदिर में गैर हिन्दुओं का प्रवेश वर्जित है।

पुलिस ने बताया कि गैर-हिंदू होने की वजह से उसे मंदिर में प्रवेश करने से रोका गया, तो उसने पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। पुरी के एसपी पिनाक मिश्रा ने कहा कि ब्रिटिश नागरिक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उसकी पहचान दक्षिण लंदन के वैंड्सवर्थ के थॉमस क्रेग शेल्डन के रूप में हुई है।
पुरी के सिटी डीएसपी प्रशांत कुमार साहू ने कहा, "हमने विदेशी पर्यटक को हिरासत में ले लिया है। फिलहाल हम इस मामले की जांच कर रहे हैं।" बताते चलें कि जगन्नाथ मंदिर में हाल ही में कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिसमें अवैध रूप से मंदिर में प्रवेश करने की कोशिशें हुई हैं।
एक महीने में तीसरी घटना
इससे पहले 23 मार्च को पोलैंड की एक महिला को मंदिर में अवैध रूप से एंट्री के आरोप में हिरासत में लिया गया था। हालांकि, कुछ समय के बाद उसे छोड़ दिया गया था। इससे पहले 3 मार्च को 9 बांग्लादेशी नागरिकों को मंदिर में प्रवेश करते समय पकड़ा गया था। इस मामले में सिंहद्वार पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई थी। बाद में उन्हें भी रिहा कर दिया गया था।
पिछले साल भी विवाद
पिछले साल जगन्नाथ मंदिर में एक महिला मुस्लिम अधिकारी रेशमा लखानी के मंदिर में प्रवेश को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। उन पर आरोप लगा कि उन्होंने अपने पद और पावर का दुरुपयोग कर मंदिर में घुसने की कोशिश की थी। जब सुपरिटेंडेंट रोशन यादव ने उन्हें यह कहते हुए रोका कि गैर हिन्दूओं का मन्दिर में प्रवेश वर्जित है तो IRS ने सुपरिटेंडेंट का 400 KM दूर ट्रांसफर करवा दिया गया।
गैर-हिन्दुओं के प्रवेश पर रोक
आपको बता दें कि 12 वीं शताब्दी में गंग वंश के प्रसिद्ध राजा अनंतवर्मन चोडगंग द्वारा निर्मित इस मंदिर में हमेशा से ही गैर-हिंदुओं और विदेशियों का प्रवेश वर्जित है। मंदिर के दरवाजे के पास एक दिशा पट्टी लगी हुई है जिस पर लिखा है, यहां हिंदुओं को भीतर जाने की अनुमति है। मंदिर के निर्माण के समय से ही यह प्रथा है और आज भी चली आ रही है।
हालांकि इसका कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया, लेकिन इतिहासकारों का मानना है कि कई मुस्लिम शासकों ने मंदिर पर हमले किए और इससे सेवादारों को गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का सबक मिला।
इंदिरा गांधी को भी एंट्री नहीं
इस मंदिर से जुड़ा एक किस्सा ऐसा भी है जब इंदिरा गांधी को भी प्रधानमंत्री रहते इस मंदिर में एंट्री नहीं दी गई थी। मंदिर प्रशासन के अनुसार इंदिरा गांधी का विवाह एक पारसी फिरोज गांधी के साथ हुआ है इसलिए विवाह के बाद वह मंदिर में प्रवेश नहीं कर सकती हैं।
थाई राजकुमारी भी नहीं जा पाईं
देश की प्रधानमंत्री के अलावा साल 2005 में थाइलैंड की राजकुमारी महाचाकरी जगन्नाथ मंदिर पहुंची थीं, उन्हें भी प्रवेश नहीं दिया गया था। इसके अलावा 2006 में, स्विस नागरिक एलिजाबेथ जिगलर को प्रवेश से वंचित कर दिया गया क्योंकि वह ईसाई थीं, जबकि उन्होंने मंदिर को 1.78 करोड़ रुपए दान किए थे।












Click it and Unblock the Notifications