बच्चे की ऑनलाइन क्लास के लिए दूधवाले को बेचनी पड़ी गाय, अब सोनू सूद ने बढ़ाया मदद का हाथ

नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद बीते कुछ महीनों से लोगों की काफी मदद कर रहे हैं। उन्होंने कोरोना वायरस लॉकडाउन में प्रवासी मजदूरों को उनके घरों तक पहुंचाने से मदद की शुरुआत की थी। जिसके बाद वो हर दिन मानवता की एक नई मिसाल पेश कर रहे हैं। हाल ही में सोनू सूद ने सड़क किनारे अपने बच्चों के साथ रहने को मजबूर एक महिला को घर देने का वादा किया है। अब उन्होंने एक दूधवाले की ओर मदद का हाथ बढ़ाया है। इस दूधवाले ने अपने बच्चे के लिए एक फोन लिया है, ताकि वह ऑनलाइन क्लास ले सके। लेकिन इसके लिए इसे अपनी गाय को बेचना पड़ा है।

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    Sonu Sood ने बढ़ाया मदद का हाथ, बच्चों की Online Class के लिए Milkman ने बेची Cow | वनइंडिया हिंदी
    ऑनलाइन क्लास के लिए खरीदा फोन

    ऑनलाइन क्लास के लिए खरीदा फोन

    सोनू सूद ने ट्विटर पर एक न्यूज आर्टिकल शेयर करते हुए उसपर अपनी प्रतिक्रिया दी है। जिसमें लिखा है कि एक ग्रामीण ने अपने बच्चे की ऑनलाइन क्लास के लिए स्मार्टफोन खरीदा है, जिसके लिए उसे अपनी गाय बेचनी पड़ी है। अब सोनू सूद ने इस शख्स की ओर मदद का हाथ बढ़ाया है। सोनू सूद ने इस ग्रामीण को गाय वापस दिलाने के बात कही है। साथ ही मदद करने के लिए डिटेल्स भी मांगी हैं। इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के अनुसार, ये ग्रामीण शख्स हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा का रहने वाला है। जिसकी बेटी चौथी और बेटा दूसरी कक्षा में पढ़ते हैं। इनकी कहानी पत्रकार रविंद्र सूद ने प्रकाशित की है। जिसमें कहा गया है कि कुलदीप कुमार ने बैंक, निजी ऋणदाता और पंचायत से 6000 रुपये का कर्ज मांगा था। लेकिन नहीं मिल सका।

    ग्रामीण को कहीं से नहीं मिली मदद

    ग्रामीण को कहीं से नहीं मिली मदद

    कुलदीप का कहना है, 'अब क्लासरूम की बजाय ऑनलाइन पढ़ाई हो रही है। शिक्षक हमपर दवाब बना रहे थे कि अगर बच्चे को शिक्षा देना चाहते हो तो मोबाइल लेना होगा। हमारे पास फोन खरीदने के लिए कुछ नहीं था, तो हमने गाय बेचने का फैसला लिया। मैंने घर बनाने के लिए भी आर्थिक मदद लेने की कोशिश की, आईआरडीपी और बीपीएल स्कीम में नाम डलवाया लेकिन लालफीताशाही के कारण असफल रहा।' सोनू सूद के इस ट्वीट के बाद से लोग उनकी काफी सराहना कर रहे हैं।

    नौकरी के लिए ऐप किया लॉन्च

    आपको बता दें सोनू सूद ने लॉकडाउन के दौरान अलग-अलग राज्यों में फंसे मजदूरों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए 'घर चलें' अभियान चलाया था। जिसके बाद से कई प्रवासियों ने अपने ही गृह राज्यों में रोजगार का साधन ढूंढ लिया है। कई लोगों ने तो सोनू सूद के नाम पर अपनी दुकान तक खोली है। एक प्रवासी महिला ने अपने बच्चे के जन्म के बाद उसका नाम सोनू रखा है। वहीं सोनू सूद ने एक ऐप भी लॉन्च किया है। इससे देशभर के हजारों लोगों को नौकरी ढूंढने में मदद मिलेगी।

    नौकरी की तलाश कर रहे प्रवासियों के लिए सोनू सूद ने लॉन्‍च किया ये ऐप, रोजगार दिलाने में करेगा मदद

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