13 साल बाद बोफोर्स केस को फिर से खुलवाना चाहती थी CBI, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका
नई दिल्ली। बोफोर्स तोप में रिश्वतकांड मामले में सीबीआई की याचिका को खारिज कर दिया है। सीबीआई ने हाई कोर्ट की ओर हिंदुजा भाइयों को बरी करने वाले फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि वो अपील दायर करने में देरी के सीबीआई के जवाब से संतुष्ट नहीं है। बता दें कि सीबीआई ने इस मामले में हाई कोर्ट के फैसले के 13 साल बाद सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

बता दें कि बोफोर्स तोप में रिश्वत मामले की सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने साल 2005 में लंदन बेस्ड करोड़पति हिंदुजा भाईयों श्रीचंद, गोपीचंद और प्रकाश हिंदुजा को बरी कर दिया था। इसके बाद सीबीआई ने साल 2005 में हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपनी याचिका में कुछ नए तथ्यों जोड़े थे और उसी को जांच कराए जाने का आधार बनाकर इस मामले को दोबारा खोलने की मांग की थी।
90 दिनों में चुनौती देने में नाकाम रही सीबीआई
बता दें कि सीबीआई ने 13 साल बाद हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी। जबकि इससे पहले हो उच्च न्यायालय के फैसले के 90 दिनों के अंदर चुनौती देने में नाकाम रही थी। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट की ओर से याचिका खारिज होने के बाद कांग्रेस को भी बड़ी राहत मिली है। क्योंकि बोफोर्स मामला है जिसे लेकर आज भी विपक्षी पार्टियां कांग्रेस पर आरोप प्रत्यारोप लगाती रहती है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट की ओर से हिंदुजा भाईयों के साथ-साथ कांग्रेस को भी बड़ी राहत मिली है।
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